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Varmahalaxmi Festival 2025: साल 2025 में वर लक्ष्मी व्रत कब रखा जाएगा, यहां नोट करें तिथि, शुभ मुहूर्त और महत्व

Varmahalaxmi Festival 2025: वर लक्ष्मी व्रत खासतौर पर दक्षिण भारत की तरफ किया जाता है। ये व्रत माता लक्ष्मी को समर्पित होता है। आइए जानते हैं साल 2025 में वर लक्ष्मी व्रत कब रखा जाएगा। यहां नोट करें तिथि, शुभ मुहूर्त और महत्व।

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Varmahalaxmi Festival 2025

Varmahalaxmi Festival 2025: हिंदू धर्म में मां लक्ष्मी को धन की देवी माना गया है। इनकी पूजा- अर्चना करने से साधक को धन की कमी का सामना नहीं करना पड़ता है। वर लक्ष्मी व्रत दक्षिण भारत की तरफ रखा जानें वाला एक खास व्रत है। ये व्रत धन की देवी माता लक्ष्मी की पूजा को समर्पित होता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार वर लक्ष्मी का व्रत रखने से और विधिपूर्वक मां लक्ष्मी की पूजा करने से साधक को सुख, समृद्धि की प्राप्ति होती है और मां लक्ष्मी की विशेष कृपा बनी रहती है। इस व्रत को पति- पत्नि यदि साथ मिलकर करते हैं तो इस व्रत की महिमा और अधिक बढ़ जाती है। आइए जानते हैं साल 2025 में वर लक्ष्मी व्रत कब रखा जाएगा।

Varmahalaxmi Festival 2025 (2025 में वर लक्ष्मी व्रत डेट)

वर लक्ष्मी का व्रत हर साल सावन महीने की शुक्ल पक्ष के आखिरी शुक्रवार के दिन रखा जाता है। साल 2025 में वर लक्ष्मी का व्रत शुक्रवार, 08 अगस्त, 2025 को रखा जाएगा। इस व्रत पर अष्टलक्ष्मी की पूजा का भी विधान है।

Varmahalaxmi Vrat Muhurat 2025 (वर लक्ष्मी व्रत शुभ मुहूर्त 2025)

  • सिंह लग्न पूजा मुहूर्त - सुबह 07:01 से 09:11 तक
  • वृश्चिक लग्न पूजा मुहूर्त - दोपहर 01:34 से 03:50 तक
  • कुंभ लग्न पूजा मुहूर्त - शाम 07:43 से 09:17 तक
  • वृषभ लग्न पूजा मुहूर्त - मध्यरात्रि 00:30 से 02:29, 09 अगस्त 2025 तक

Varmahalaxmi Vrat Puja Vidhi (वर लक्ष्मी व्रत पूजा विधि)

वरलक्ष्मी व्रत के दिन सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करने के बाद मां लक्ष्मी का ध्यान कर व्रत का संकल्प लेना चाहिए। इस दिन स्नान आदि के बाद साफ वस्त्र धारण करने के बाद अपने घर के मंदिर की भली भांति सफाई करनी चाहिए। एक साफ चौकी पर लाल या पीले रंग का कपड़ा बिछाकर मां लक्ष्मी की मूर्ति को स्थापित करें। उसके बाद गंगाजल से मूर्ति को शुद्ध करें। फिर उसपर फूल, अक्षत, चंदन अर्पित करें। इस दिन पूजा के समय शुद्ध घी का दीपक जलाएं। वर लक्ष्मी व्रत के दिन मां लक्ष्मी को सोलह सिंगार का सामान अर्पित करें। उसके बाद पूरे विधि- विधान से पूजा करें और कथा का पाठ करें। कथा करने के बाद आरती करें और माता लक्ष्मी को भोग लगाएं। मां को लगा हुआ भोग सबको प्रसाद के रूप में बांटें।

Varmahalaxmi Vrat Ka Mahatav (वरलक्ष्मी व्रत का महत्व)

वर लक्ष्मी व्रत का शास्त्रों में बहुत ही अधिक महत्व है। ये व्रत धन और समृद्धि की देवी मां लक्ष्मी की पूजा करने के लिए सबसे उत्तम माना गया है। इस व्रत को करने से साधक को मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है। इसके साथ ही उसके जीवन से सारी धन संबंधी समस्या का समाधान होता है। इस व्रत को करने से भक्तों की सारी मनोकामना की पूर्ति होती है। इस व्रत को घर की महिलाएं परिवार की सुख, शांति और आर्थिक उन्नति के लिए भी करती हैं।

Jayanti Jha
जयंती झाauthor

बिहार के मधुबनी जिले से की रहने वाली हूं, लेकिन शिक्षा की शुरुआत उत्तर प्रदेश की गजियाबाद जिले से हुई। दिल्ली विश्वविद्यायलय से हिंदी ऑनर्स से ग्रेजुएशन पूरा किया। इसके बाद इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय से हिंदी में मास्टर्स की डिग्री ली और इसके साथ ही दिल्ली के विवेकानंद कॉलेज से हिंदी पत्रकारिता में डिपलोमा किया। डिजिटल पत्रकारिता की शुरुआत 2022 में रफ्तार से हुई। अगस्त 2023 से Times Network में timesnowhindi.com के फीचर टीम के साथ जुड़ी हूं। इससे पहले vianet media pvt. ltd में बतौरा हिंदी टाइपिस्ट 1 साल काम किया। रफ्तार में रहकर आध्यात्म पर लिखना शुरू किया । आध्यात्म के बारे में जानना और उसके बारे में चर्चा करना पसंद है। ग्रहों, नक्षत्रों और राशियों के बारे में जानना बहुत पसंद है। लोगों तक सही जानकारी देना ही मेरी प्राथमिकता रहती है।

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