वर दे वीणा वादिनि वर दे सरस्वती वंदना (Var De Veena Vadini Var De Prathna Lyrics In Hindi): कई लोग आज के समय में भी अपने दिन की शुरुआत प्रार्थना से करते हैं। कहते हैं प्रार्थना करने से हमारे अंदर सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। जिससे दिन अच्छा गुजरने की संभावना बढ़ जाती है। प्रार्थना के जरिए हम ईश्वर का ध्यान करते हैं और साथ ही उनकी कृपा पाने की याचना करते हैं। आज हम आपके लिए लेकर आए हैं मां सरस्वती की प्रार्थना। जिसके द्वारा आप मां की विशेष कृपा पा सकते हैं।
वर दे, वीणा वादिनि वर दे: सरस्वती वंदना (Var De Veena Vadini Var De: Saraswati Vandana)
वर दे, वीणावादिनि वर दे।
प्रिय स्वतंत्र रव, अमृत मंत्र नव भारत में भर दे ।
वीणावादिनि वर दे॥
काट अंध उर के बंधन स्तर
बहा जननि ज्योतिर्मय निर्झर
कलुष भेद तम हर प्रकाश भर
जगमग जग कर दे ।
वर दे, वीणावादिनि वर दे ॥
नव गति, नव लय, ताल छंद नव
नवल कंठ, नव जलद मन्द्र रव
नव नभ के नव विहग वृंद को,
नव पर नव स्वर दे ।
वर दे, वीणावादिनि वर दे ॥
वर दे, वीणावादिनि वर दे।
प्रिय स्वतंत्र रव, अमृत मंत्र नव
भारत में भर दे ।
वीणावादिनि वर दे ॥
वर दे वीणा वादिनि प्रार्थना के लाभ
हिंदू धार्मिक मान्यताओं अनुसार सरस्वती वंदना के नियमित पाठ से लोगों को अच्छे फल मिलते हैं। मन की चंचलता दूर होती है जिससे ध्यान इधर उधर नहीं भटकता।केवल इतना ही नहीं इस वंदना के नियमित पाठ से तनाव से भी मुक्ति मिलती है। खासकर छात्रों को इस वंदना का पाठ सुबह शाम अवश्य करना चाहिए।
