अध्यात्म

Tulsi Vivah Samagri List: तुलसी विवाह में क्या-क्या सामान लगता है, यहां चेक करें पूरी सामग्री लिस्ट

Tulsi Vivah Samagri List: तुलसी विवाह देवउठनी एकादशी या फिर इसके अगले दिन यानी द्वादशी तिथि पर कराया जाता है। यहां हम आपको बताएंगे तुलसी विवाह में क्या-क्या सामग्री लगेगी।

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Tulsi Vivah Samagri List

Tulsi Vivah Samagri List: तुलसी विवाह शाम के समय में कराया जाता है। इस दिन तुलसी के गमले पर गन्ने का मंडप बनाकर सजाया जाता है। फिर तुलसी माता को लाल चुनरी और सुहाग सामग्री चढ़ाई जााती है। इसके बाद भगवान शालिग्राम के साथ उनका विधि विधान विवाह कराया जाता है। कहते हैं तुलसी विवाह कराने से परिवार की सभी दिक्कतें दूर हो जाती हैं। चलिए आपको बताते हैं तुलसी विवाह में क्या-क्या सामान लगता है।

तुलसी विवाह सामग्री लिस्ट (Tulsi Vivah Samagri List)

-तुलसी का पौधा

-शालिग्राम

-सुहागी की चीजें (सिंदूर, बिंदी, चूड़ी, बिछिया इत्यादि)

-गन्ना

-आंवला

-शकरकंद

-मूली

-बेर

-धूप

-दीप

-फूल माला

-साड़ी

-हल्दी

-कुमकुम

-घी

-दीपक

-भगवान विष्णु जी की मूर्ति या तस्वीर

-सीताफल

-मिठाई

-बताशा

-कलावा

-अक्षत

-रोली

-हवन सामग्री

-लाल चुनरी

तुलसी विवाह की विधि (Tulsi Vivah Ki Vidhi)

तुलसी विवाह में परिवार के सभी लोगों को नए कपड़े पहनने चाहिए। तुलसी विवाह से पहले तुलसी के गमले पर गन्ने का मंडप बनाकर सजाया जाता है। फिर तुलसी के पौधे को लाल चुनरी ओढ़ा दी जाती है और साथ में सुहाग की सामग्री भी चढ़ाई जाती है। इसके बाद गमले में शालिग्राम जी को स्थापित किया जाता है। इस दौरान विवाह के सारे नियमों का पालन करते हुए तुलसी माता और शालिग्राम भगवान को हल्दी लगाई जाती है। फिर मेहंदी और कुमकुम लगाई जाती है। तिल चढ़ाएं जाते हैं। माला पहनाई जाती है। फिर गठबंधन की रस्म निभाई जाती है। इस तरह से तुलसी विवाह कराने के बाद अंत में तुलसी जी की आरती करके सभी में प्रसाद बांट दिया जाता है।

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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