Totkay for Money: माना कि धन सबकुछ नहीं होता लेकिन यह भी सत्य है कि धन बहुत कुछ होता है। आज के समय में हर कोइ अपना आर्थिक स्तर दूसरे से बेहतर ही चाहता है। महंगाई के इस दौर में आर्थिक संपन्नता बड़ा लक्ष्य भेदने जैसी बात हो चुकी है। हर चीज के दाम इतने अधिक बढ़ चुके हैं कि लाख कोशिश कर लो धन की कमी रहती ही है। ऐसे में यदि आपका पैसा भी कहीं अटक गया है या किसी अन्य आर्थिक परेशानी से जूझ रहे हैं तो यहां हम आपको बताते हैं लाल किताब से जुड़े धन समृद्धि के अचूक टोटके।
- यदि आप व्यवसायी हैं, पुराने उद्योग के चलते नया उद्योग आरंभ कर रहे हैं तो अपने पुराने कारखाने से कोई भी लोहे की वस्तु लाकर अपने नए उद्योग स्थल में रख दें। जिस स्थान पर इसको रखेंगे वहां पर स्वास्तिक बनाएं और वहां पर थाेड़े से काले उड़द रखें, उसके उपर उस वस्तु को रख दें। एेसा करने से नवीन उद्योग भी पुराने उद्योग की तरह सफलतापूर्वक चल पड़ता है।
- यदि आपके कर्मचारी अक्सर छोड़कर चले जाते हैं तो इसको रोकने के लिए आपको यदि रास्ते में पड़ी हुयी कोइ कील मिले, यदि वह दिन शनिवार हो तो अति उत्तम है। इसे भैंस के मूत्र से धाे लें। जिस जगह के कर्मचारी ज्यादा छोड़कर जाते हैं। वहां पर इस कील को गाड़ दें इसके फलस्वरूप कर्मचारी स्थिर हो जाएंगे।
- यदि धन की कमी हो या किसी का धन कहीं अटक गया तो शुक्ल पक्ष के गुरुवार से अपने माथे पर केसर एवं चंदन का तिलक लगाना आरंभ कर दें। प्रत्येक गुरुवार को राम दरबार के सामने दंडवत प्रणाम कर मनोकामना करें, कार्य सफल हो जाएगा।
- यदि धन टिकता नहीं है तो प्रत्येक शनिवार को काले कुत्ते को तेल से चुपड़ी रोटी खिलाएं। रोटी खिलाने के पशृचात मनोकामना करें। एेसा प्रत्येक शनिवार को करने से धन टिकता है।
- आर्थिक कष्टों से निपटने के लिए किसी भी मंदिर में सिद्ध मुहूर्त में केले के दो पौधे नर एवं मादा, लगाएं और इन्हें नियमित सींचें। जब यह फल देने लग जाए तो समझें आपके आर्थिक कष्ट दूर होने वाले हैं।
- अचानक धन प्राप्ति के लिए पांच गोमती चक्र लेकर लाल वस्त्र में बांधकर अपनी दुकान की चौखट पर बांध दें। यह कार्य शुक्रवार के दिन शुभ मुहूर्त में करें।
- घर में या कार्यालय में 6 मोर पंच रखें, इससे आपके घर व कार्यालय पर किसी की नजर नहीं लगेगी।
(डिस्क्लेमर : यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।)
