अध्यात्म

तोता किन लोगों को नहीं पालना चाहिए? जानिए क्या कहते हैं शास्त्र और भारतीय कानून

Tota Palne Ke Niyam : लाल किताब के अनुसार तोता पालना सभी के लिए शुभ नहीं होता है। वहीं, भारतीय कानून में भी कुछ तोते पालना गैर कानूनी माना गया है।

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तोता क्यों नहीं पालना चाहिए

Tota Palne Ke Niyam : तोता अपनी मधुर आवाज, तेज बुद्धि और इंसानी बोलचाल की नकल करने की क्षमता के कारण सदियों से लोगों का पसंदीदा पक्षी रहा है। हालांकि ज्योतिष की प्रसिद्ध पुस्तक लाल किताब में कुछ ऐसे विशेष योग बताए गए हैं, जिनमें तोता पालना शुभ नहीं माना गया है। वहीं आधुनिक समय में एक और महत्वपूर्ण बात यह है कि भारत में अधिकांश भारतीय प्रजाति के तोतों को घर में पालना कानूनन प्रतिबंधित भी है। ऐसे में आइए जानते हैं कि किन लोगों को तोता नहीं पालना चाहिए और किस प्रजाति के तोते पालना गैर कानूनी है।

क्या कहती है लाल किताब

लाल किताब के अनुसार कुछ विशेष ग्रह स्थितियों में तोता पालने से बचने की बात कही गई है। यह नियम सभी लोगों पर समान रूप से लागू नहीं होते, बल्कि व्यक्ति की जन्मकुंडली के अनुसार देखे जाते हैं। लाल किताब के अनुसार, जिन लोगों का जन्म सोमवार को शाम लगभग 4 बजे से 7 बजे के बीच हुआ हो, उन्हें सामान्यतः पक्षी पालने से बचना चाहिए। विशेष रूप से इन्हें तोता तो बिल्कुल भी नहीं पालना चाहिए। मान्यता है कि इससे जीवन में ग्रहों का अशुभ प्रभाव पड़ता है।

बुध अत्यंत मजबूत हो

ज्योतिष में तोते का संबंध बुध ग्रह से माना जाता है। लाल किताब के अनुसार जिन लोगों की कुंडली में बुध पहले से ही अत्यंत प्रभावशाली और शुभ स्थिति में हो, उन्हें तोता पालने से बचना चाहिए। माना जाता है कि इससे ग्रहों का संतुलन प्रभावित हो सकता है।

कुंडली के दूसरे भाव में बुध हो

लाल किताब के अनुसार जन्म कुंडली के दूसरे भाव में स्थित बुध वालों को तोता या घरेलू पशु-पक्षी पालने से बचना चाहिए। इन लोगों को तोता पालने से जीवन में पारिवारिक तनाव या आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि यह नियम हर कुंडली पर लागू नहीं होता और इसका निर्णय संपूर्ण जन्मपत्री देखकर ही किया जाता है।

तोते से संबंधित करने चाहिए ये उपाय

लाल किताब के अनुसार, यदि व्यापार में लगातार बाधाएं आ रही हों, तो बुधवार के दिन एक तोते को पिंजरे सहित खरीदकर मुक्त करना चाहिए। हालांकि, वर्तमान समय में किसी भी भारतीय तोते का खरीदना-बेचना स्वयं कानून के दायरे में आता है, इसलिए इस प्रकार के उपाय करने से पहले कानूनी पक्ष को अवश्य समझना चाहिए।

भारत में कुछ तोते पालना है गैरकानूनी

भारत में अधिकांश भारतीय प्रजाति के तोते, जैसे रोज-रिंग्ड पैराकीट और अलेक्जेंड्रिन पैराकीट, वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 (Wild Life (Protection) Act, 1972) के तहत संरक्षित वन्यजीव हैं। इन्हें पकड़ना, खरीदना, बेचना, पिंजरे में रखना या पालतू बनाना कानूनन अपराध है।

वन्यजीव संरक्षण (संशोधन) अधिनियम, 2022 के तहत भी संरक्षित वन्यजीवों के अवैध व्यापार और कब्जे पर कड़े प्रावधान लागू हैं।

दोषी पाए जाने पर जेल और आर्थिक दंड दोनों का प्रावधान हो सकता है। इस कारण भारतीय तोते को पालतू बनाना न केवल धार्मिक दृष्टि से विवादित है, बल्कि कानूनी रूप से भी प्रतिबंधित है। यदि कोई विदेशी तोता, जैसे मैकॉ या अफ्रीकन ग्रे पैरट पालना चाहता है, तो उसके लिए वैध दस्तावेज और संबंधित नियमों का पालन आवश्यक होता है।

डिसक्लेमर: यहां दी गई जानकारी कानून और लाल किताब पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।

Mohit Tiwari
मोहित तिवारीauthor

मोहित तिवारी को पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 साल का अनुभव है। इन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रतिष्ठित न्यूजपेपर में फील्ड रिपोर्टिंग से की थी। मोहित ने प्रिंट, टीवी और डिजिटल तीनों प्लेटफॉर्म पर काम किया है। देश-विदेश, लाइफस्टाइल, धर्म और आध्यात्मिक विषयों में गहरी रुचि रखने वाले मोहित ने ज्योतिष का भी व्यापक अध्ययन किया है। मोहित के आलेख लाइफस्टाइल, हेल्थ, न्यूज, धर्म, ज्योतिष आदि विषयों पर गहरी शोध और प्रामाणिकता पर आधारित होते हैं और इन विषयों पर वह 12,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं।

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