Surya Grahan 2022 Date, Timings: साल 2023 में कब है सूर्य ग्रहण? इंडिया में भी होगा प्रभाव
Surya Grahan 2022 Date, Timings: साल 2023 में कब है सूर्य ग्रहण? इंडिया में भी होगा प्रभाव
सूर्य ग्रहण 2022: सूर्य ग्रहण की शुरुआत 25 अक्टूबर को शाम 4 बजकर 28 मिनट से होगी और इसकी समाप्ति शाम 5 बजकर 30 मिनट पर। इस ग्रहण का सूतक काल भी माना जाएगा। सूतक समय 25 अक्टूबर को सुबह 03:17 से शाम 05:42 तक रहेगा।
Surya Grahan 2022 State-wise Timings
कैसे देखें सूर्य ग्रहण? सूर्य ग्रहण कभी भी बिना चश्मा के नहीं देखना चाहिए। ग्रहण देखने के लिए स्पेशल तरह के चश्मे आते हैं उनका प्रयोग करें। सूर्य ग्रहण को सुरक्षित तकनीक या तो एल्युमिनेटेड मायलर या टेलिस्कोप द्वारा सफेद बोर्ड पर सूर्य की इमेज को प्रोजेक्ट करके उचित फिल्टर का उपयोग करके देखा जा सकता है।
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साल 2023 का सूर्य ग्रहण
क्या सूर्य ग्रहण के बाद नहाना जरूरी?
ग्रहण के बाद ये दो काम जरूर करें
ग्रहण के समापन के बाद घर के मंदिर की सफाई जरूर करें। इसके बाद ही भगवान के दर्शन और पूजा पाठ आदि करें।
What To Do After Surya Grahan Or Solar Eclipse 2022
- सूर्य ग्रहण की समाप्ति के तुरंत बाद सबसे पहले स्नानादि से निवृत्त होकर स्वच्छ हो जाना चाहिए।
- ग्रहण की समाप्ति के बाद दान जरूर करना चाहिए। इससे ग्रहण के बुरे प्रभाव से बचा जा सकता है।
- सूर्य ग्रहण के उपरांत घर को अच्छे से साफ करें और गंगाजल से शुद्ध कर लें।
- ग्रहण काल में रखे गए भोजन को इस्तेमाल न करें। ताजा भोजन पका कर वही भोजन खाएं।
- भोजन से पूर्व संभव है तो पहली रोटी गौ माता को खिलाएं।
- घर के मंदिर को भी साफ कर लें और गंगाजल का छिड़काव करें। भगवान को स्नान कराएं और उन्हें नए वस्त्र अर्पित करके उनकी पूजा करें।
- सूर्य देव के किसी मंत्र का जाप भी जरूर करें।
- सूर्य ग्रहण के बाद भगवान को भोग लगाएं और स्वयं भी भोजन करें।
- ग्रहण समाप्ति के बाद गर्भवती महिलाओं को ग्रहण की नकारात्मकता से बचने के लिए तुरंत स्नान जरूर करना चाहिए।
- ज्योतिष शास्त्र की मान्यता के अनुसार ग्रहण की समाप्ति के बाद तिल और चने का दान करना शुभ होता है।
सूर्य ग्रहण के दौरान करें ये उपाय
शास्त्रों के अनुसार, ग्रहण के दौरान एक दीप जलाकर गायत्री मंत्र या महामृत्युंजय मंत्र का जाप करना उचित बताया गया है। कहते हैं ऐसा करने से सर्वबाधा का विनाश होता है। साथ ही ग्रहण का प्रभाव भी कम होता है।
सूर्य ग्रहण के दौरान न करें ये कार्य
- ग्रहण एवं सूतक के दौरान सभी प्रकार के ठोस और तरल खाद्य पदार्थों का सेवन वर्जित माना जाता है। लेकिन बच्चों, रोगियों और वृद्धों के लिये भोजन मात्र एक प्रहर यानी तीन घण्टे के लिये ही वर्जित है।
- गर्भवती स्त्रियों को ग्रहण काल में घर से बाहर न निकलने का सुझाव दिया जाता है। मान्यता है कि राहु व केतु के दुष्प्रभाव के कारण गर्भ में पल रहे शिशु को स्वास्थ्य दिक्कतें आ सकती हैं। ग्रहणकाल में गर्भवती स्त्रियों को वस्त्र आदि काटने या सिलने की मनाही होती है। मान्यता अनुसार इन गतिविधियों का भी शिशु पर दुष्प्रभाव पड़ता है।
- सूतक और ग्रहण काल के समय तेल मालिश करना, पानी पीना, मल-मूत्र विसर्जन, बालों में कंघी करना, दातुन करना अथवा यौन गतिविधियों में लिप्त होना प्रतिबन्धित माना जाता है।
सूर्य ग्रहण के दौरान जाप करने के मंत्र
2- तमोमय महाभीम सोमसूर्यविमर्दन।
हेमताराप्रदानेन मम शान्तिप्रदो भव॥
3- ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये
4- प्रसीद-प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नम:॥
5- ॐ ह्लीं बगलामुखी सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तंभय
जिह्ववां कीलय बुद्धि विनाशय ह्लीं ओम् स्वाहा।।
6- विधुन्तुद नमस्तुभ्यं सिंहिका नन्दना च्युत
दानेनानेन नागस्य रक्ष मां वेधजाद्भयात्॥
