Study Room Vastu Tips (वास्तु के अनुसार स्टडी रूम कैसा होना चाहिए) : कई बार आप देखते होंगे कि आपके बच्चों को पढ़ाई में मन नहीं लग रहा है। आपको बता दें, इसके पीछे सबसे बड़ी वजह वास्तु दोष है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, अगर आपके बच्चे की स्टडी रूम सही दशा और दिशा में नहीं है तो इससे भी बच्चे को पढ़ाई में मन नहीं लगता। ऐसे में बच्चे का मन एकाग्र नहीं हो पाता और इसका सीधा असर उनकी पढ़ाई पर पड़ता है। इसलिए वास्तु के मुताबिक बच्चों के स्टडी रूम के लिए भी कुछ बातों का ध्यान रखना महत्वपूर्ण होता है। इसी के साथ चाहिए जानते हैं वास्तु शास्त्र के हिसाब से बच्चे का स्टडी रूम कैसा और किस दिशा में होना चाहिए।
बच्चे के पढ़ाई के कमरे का वास्तु कैसा हो
1. बच्चों का अध्ययन कक्ष उत्तर,पूर्व या ईशान दिशा में होना चाहिए।
2. स्टडी रूम की दीवारें पीले रंग में रंगा होना चाहिए।
3. उस रूम में माता सरस्वती की प्रतिमा अवश्य रखें।
4. पुस्तक रखने के लिए कमरे का साउथ ईस्ट दिशा सबसे अच्छा माना जाता है।
5. स्टडी टेबल दीवार से सटा होना चाहिए।
6. टेबल पर एक पेंडुलम वाच जरूर रखें।
7. ग्लोब और प्रिज्म भी स्टडी टेबल पर होना आवश्यक है।
8. चार कोनो वाले स्टडी टेबल का प्रयोग करना सबसे अच्छा होता है। लेकिन ध्यान रहे दरवाजे के सामने टेबल कदापि न रखें।
9. अध्ययन रूम में रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था हो। वहां अंधेरा नहीं रहना चाहिए।
10. पढ़ते समय बच्चे के मेज पर हल्दी का एक गुटका रहे और पीले रंग का मेजपोश हो।
11. बच्चा उसी रूम में विश्राम भी करेगा। उसका बिस्तर ऐसे रखें कि कभी भी उसका पैर साउथ डायरेक्सन में न हो।
इस प्रकार इतनी बातों के ध्यान में रखने से आपका बच्चा पढ़ाई में अव्वल रहेगा। माता पिता का कर्तव्य है कि अपने बच्चों को खूब प्रोत्साहित करें। उनका मनोबल बढ़ाएं। उनके साथ खुद विद्यार्थी बन जाएंगे और खूब मेहनत बच्चे से कराएंगे और खुद भी करेंगे तो आपकी संतान सफलता की गगन चुम्बी ऊंचाइयों को स्पर्श कर आपका नाम रोशन करेगा।
