Story of Saraswati Nadi (सरस्वती नदी की कहानी): प्रयागराज और हरिद्वार के संगम पर सदियों से स्नान और ध्यान की परंपरा है। मान्यताओं के अनुसार इस विशेष स्थान पर प्राचीन भारत की तीन प्रमुख नदियां बहती है जिनके नाम हैं गंगा, यमुना और सरस्वती। लेकिन जहां पर गंगा और यमुना की जल धाराओं का संगम साफ-साफ दिखता है वहीं सरस्वती नदी के प्रमाण आज भी एक रहस्य है। भगवान ब्रह्मदेव से शुरू हुई सरस्वती नदी की कहानी अंत में एक श्राप पर जा कर खत्म होती है जिसने इसकी धाराओं को पाताल में भेज दिया और आज ये नदी केवल गुमनाम बनकर रह गई है। लेकिन वो कौन था जिसने सरस्वती नदी को श्राप दिया ? ऐसी ही बहुत सी पौराणिक, ऐतिहासिक और धार्मिक मान्यताएं हैं सरस्वती नदी को लेकर हैं जिनका खुलासा इस वीडियो में किया गया है। देखिए महा कुंभ 2025 के मौके पर ये स्पेशल कवरेज।
अध्यात्म
Maha Kumbh 2025: क्या सच में बहती थी सरस्वती नदी, तो कैसे हो गई धरती से विलुप्त, जानें ये पौराणिक प्रमाण
- Authored by: Munish DevganEdited by: मेधा चावला
- Updated Jan 16, 2025, 02:12 PM IST
