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Shri Swami Samarth Aarti: जय जय सद्-गुरु स्वामी समर्था, आरती करु गुरुवर्या रे...देखें श्री स्वामी समर्थांची आरती के लिरिक्स

Shri Swami Samarth Aarti: 31 मार्च 2025 को स्वामी समर्थ महाराज जी का प्राक्टय दिवस मनाया जा रहा है। इस शुभ अवसर पर उनकी अराधना के समय ये आरती जरूर करें।

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Shri Swami Samarth Aarti

Shri Swami Samarth Aarti: श्री स्वामी समर्थ महाराज जिन्हें अक्कलकोट के स्वामी के नाम से भी जाना जाता है दत्तात्रेय परंपरा के एक भारतीय हिंदू आध्यात्मिक गुरु थे। जानकारी अनुसार स्वामी समर्थ ने अक्कलकोट में 22 वर्षों तक निवास किया और लोगों को ईश्वर का मार्ग दिखाया। वे दत्त परंपरा के एक प्रमुख संत थे और उन्हें लोग भगवान दत्तात्रेय का अवतार मानते थे। स्वामी समर्थ ने अपने जीवन काल में लोगों को अहंकार का त्याग करने, दया और सच्चाई से जीने का उपदेश दिया। अक्कलकोट स्वामी समर्थ का पवित्र स्थान है जहां श्रद्धालु उनकी समाधि की पूजा करते हैं। स्वामी जी की अराधना के समय उनकी आरती जरूर करनी चाहिए।

Shri Swami Samarth Aarti (श्री स्वामी समर्थांची आरती के लिरिक्स)

जय जय सद्-गुरु स्वामी समर्था,

आरती करु गुरुवर्या रे।

अगाध महिमा तव चरणांचा,

वर्णाया मति दे यारे ॥धृ॥

अक्कलकोटी वास करुनिया,

दाविली अघटित चर्या रे।

लीलापाशे बध्द करुनिया,

तोडिले भवभया रे ॥१॥

यवन पूछिले स्वामी कहाॅ है,

अक्कलकोटी पहा रे।

समाधी सुख ते भोगुन बोले,

धन्य स्वामीवर्या रे ॥२॥

जाणिसे मनीचे सर्व समर्था,

विनवू किती भव हरा रे।

इतुके देई दीनदयाळा,

नच तव पद अंतरा रे ॥३॥

आरती 2

जयदेव जयदेव श्री स्वामी समर्था

आरती ओवाळू चरणी ठेवूनिया माथा !!

जयदेव जयदेव..!!

छेली खेडेग्रामी तू अवतरलासी,

जगदुध्दारासाठी राया तू फिरसी

भक्त वत्सल खरा तू एक होसी,

म्हणूनी शरण आलो तुझिया चरणांसी !!

जयदेव जयदेव..!!

त्रैगुण परब्रम्ह तुझा अवतार,

याची काय वर्णू लीला पामर

शेषादीक शिणले नलगे त्या पार,

तेथे जडमूढ कैसा करु विस्तार !!

जयदेव जयदेव..!!

देवाधिदेव तू स्वामीराया,

निर्जर मूनिजन ध्याती भावे तव पाया

तुजसी अर्पण केली आपली ही काया,

शरणागता तारी तू स्वामीराया !!

जयदेव जयदेव..!!

अघटित लीला करुनी जडमूढ उध्दरीले,

किर्ती ऐकुनी कानी चरणी मी लोळे.

चरण प्रसाद मोठा मज हे अनुभवले,

तुझ्या सूता नलगे चरणावेगळे !!

जयदेव जयदेव..!!

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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