अध्यात्म

Shivji Ki Aarti, Somwar Ki Aarti: ओम जय शिव ओंकारा, हर हर महादेव की आरती...

Shivji Ki Aarti: भगवान शिव को प्रसन्न करना चाहते हैं तो उनकी पूजा के समय ओम जय शिव ओंकारा..आरती को सच्चे मन से जरूर गाएं। कहते हैं इस आरती को करने से घर परिवार में हमेशा सुख-समृद्धि बनी रहती है। सावन सोमवार के दिन शिव पूजा में इस आरती को जरूर शामिल करें।

Image

Shivji Ki Aarti

Shivji Ki Aarti, शिवजी की आरती: महादेव जी को प्रसन्न करने का सबसे सरल तरीका है उनकी आरती का गान। कहते हैं जो भक्त सच्चे मन से भगवान शिव की आरती ओम जय शिव ओंकारा को करता है उसके समस्त दुख दूर हो जाते हैं। ये आरती बेहद ही शक्तिशाली मानी गई है। इसलिए सुबह-शाम दोनों समय इस आरती को जरूर करना चाहिए। इस आरती को करने से वास्तु दोष से भी मुक्ति मिल जाती है। चलिए जानते हैं ओम जय शिव ओंकारा आरती के लिरिक्स।

Shivji Ki Aarti (शिवजी की आरती)

ॐ जय शिव ओंकारा, प्रभु जय शिव ओंकारा ।

ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, अर्धांगनी धारा।। ऊँ हर हर हर महादेव

एकानन चतुरानन, पंचानन राजे।

हंसानन गरूड़ासन, वृषवाहन साजे ।। ऊँ हर हर हर महादे

दो भुज चार चतुर्भुज, दशमुख अति सोहै।

त्रिगुण रूप निरखते, त्रिभुवन जन मोहे ॥ ।। ऊँ हर...

अक्षमाला वनमाला, मुण्डमाला धारी।

श्वेताम्बर पीताम्बर, बाघम्बर अंगे ।

सनकादिक गरुणादिक, भूतादिक संगे। ॐ हर...

कर के मध्य कमण्डल चक्र त्रिशूलधारी।

सुखकारी, दुःखहारी जग पालनकारी।। ॐ हर...

ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, विवेक जानत अविवेका।

प्रणवाक्षर में शोभित, ये तीनों एका, ॐ हर...

त्रिगुण स्वामी जी की आरती जो कोई नर गावे ।

कहत शिवानन्द स्वामी, मनवांछित फल पावे।। ऊँ हर हर हर महादेव

शिवजी की आरती की विधि

भगवान शिव की आरती कपूर से करनी चाहिए। कहते हैं इससे घर परिवार से नकारात्मक ऊर्जा दूर चली जाती है। इतना ही नहीं वास्तु दोष भी छुटकारा मिलता है।

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

और पढ़ें
End of Article