Shivji Ki Aarti, शिवजी की आरती: महादेव जी को प्रसन्न करने का सबसे सरल तरीका है उनकी आरती का गान। कहते हैं जो भक्त सच्चे मन से भगवान शिव की आरती ओम जय शिव ओंकारा को करता है उसके समस्त दुख दूर हो जाते हैं। ये आरती बेहद ही शक्तिशाली मानी गई है। इसलिए सुबह-शाम दोनों समय इस आरती को जरूर करना चाहिए। इस आरती को करने से वास्तु दोष से भी मुक्ति मिल जाती है। चलिए जानते हैं ओम जय शिव ओंकारा आरती के लिरिक्स।
Shivji Ki Aarti (शिवजी की आरती)
ॐ जय शिव ओंकारा, प्रभु जय शिव ओंकारा ।
ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, अर्धांगनी धारा।। ऊँ हर हर हर महादेव
एकानन चतुरानन, पंचानन राजे।
हंसानन गरूड़ासन, वृषवाहन साजे ।। ऊँ हर हर हर महादे
दो भुज चार चतुर्भुज, दशमुख अति सोहै।
त्रिगुण रूप निरखते, त्रिभुवन जन मोहे ॥ ।। ऊँ हर...
अक्षमाला वनमाला, मुण्डमाला धारी।
श्वेताम्बर पीताम्बर, बाघम्बर अंगे ।
सनकादिक गरुणादिक, भूतादिक संगे। ॐ हर...
कर के मध्य कमण्डल चक्र त्रिशूलधारी।
सुखकारी, दुःखहारी जग पालनकारी।। ॐ हर...
ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, विवेक जानत अविवेका।
प्रणवाक्षर में शोभित, ये तीनों एका, ॐ हर...
त्रिगुण स्वामी जी की आरती जो कोई नर गावे ।
कहत शिवानन्द स्वामी, मनवांछित फल पावे।। ऊँ हर हर हर महादेव
शिवजी की आरती की विधि
भगवान शिव की आरती कपूर से करनी चाहिए। कहते हैं इससे घर परिवार से नकारात्मक ऊर्जा दूर चली जाती है। इतना ही नहीं वास्तु दोष भी छुटकारा मिलता है।
