अध्यात्म

शरद पूर्णिमा पर आज खीर कितने बजे रखनी है, कब से रहेगा भद्रा का साया, शुभ मुहूर्त कब लगेगा

Sharad Purnima Kheer Rakhne Ka Samay 2025: आज शरद पूर्णिमा पर चांद की रोशनी के नीचे खीर रखी जाती है जिससे अमृत की कुछ बूंदें इस खीर में गिर जाएं और शरीर को चमत्कारी लाभ मिलें। हालांकि, ये भी तब ही होता है और जब खीर को सही मुहूर्त में रखा जाए। यहां से आप खीर रखने का सही समय जानें।

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शरद पूर्णिमा खीर रखने का समय 2025 (AI Generated)

Sharad Purnima Kheer Rakhne Ka Samay 2025: मान्यता है कि शरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा की किरणों से अमृत वर्षा होती है, जो खीर के माध्यम से हमारे शरीर और मन को पवित्र और ऊर्जावान बनाती है। लेकिन इस परंपरा का सार तभी प्राप्त होता है जब खीर सही समय पर और सही विधि से रखी जाए। इसलिए यह जानना अत्यंत आवश्यक है कि शरद पूर्णिमा की रात खीर रखने का सही समय क्या है। यहां से आप खीर रखने का समय और भद्रा काल का समय भी जान सकते हैं। साथ ही यहां खीर रखने की विधि भी बताई गई है।

खीर बनाने का समय (sharad purnima kheer kab banegi)

आज 6 अक्टूबर को आप शाम के किसी भी समय में खीर बना सकते हैं। इसके लिए समय की कोई पाबंदी नहीं है।

खीर रखने का समय (sharad purnima kheer rakhne ka muhurat)

शरद पूर्णिमा के दिन खीर रखने का समय 6 अक्टूबर 2025 की रात 10 बजकर 46 मिनट से शुरू होगा और 7 अक्टूबर 2025 की सुबह 6 बजकर 17 मिनट तक खीर रखी जा सकती है।

भद्रा काल समय (Bhadra Kaal Time Today)

शरद पूर्णिमा के दिन दोपहर 12 बजकर 23 मिनट से लेकर रात 10 बजकर 53 मिनट तक भद्रा का साया रहेगा। इस साल भद्रा का प्रभाव पृथ्वी पर भी है ऐसे में इस दौरान खीर रखने से बचना ही बेहतर है।

खीर रखने की विधि (Sharad Purnima Kheer Rakhne Ki Vidhi)

शरद पूर्णिमा की रात को दूध, चावल की खीर बनाकर चांद की रोशनी में रखने का विधान है। आज के दिन दूध, चावल की खीर बनाकर, एक बर्तन में रखकर उसे जालीदार कपड़े से ढक्कर चांद की रोशनी में रखना चाहिए और अगली सुबह ब्रह्ममुहूर्त में श्री विष्णु को उस खीर का भोग लगाना चाहिए और भोग लगाने के तुरंत बाद उस खीर को प्रसाद के रूप में परिवार के सब सदस्यों में बांट देना चाहिए।

Srishti
सृष्टिauthor

सृष्टि टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की फीचर डेस्क से जुड़ी कंटेंट राइटर हैं, जो मुख्य रूप से धर्म और लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। सृष्टि को आध्यात्म, भारतीय संस्कृति और साहित्य में गहरी रुचि है। यही वजह है कि उनके लेखों में परंपरा, आस्था और जीवनशैली की सहज समझ खूबसूरती से दिखाई देती है। वह धार्मिक कथाओं, ग्रंथों से जुड़े विषयों, आध्यात्मिक ट्रेंड्स और समकालीन जीवनशैली पर 5,000 से अधिक लेख लिख चुकी हैं। मॉडर्न लाइफस्टाइल और पारंपरिक मूल्यों के बीच संतुलन बनाते हुए वह ऐसे कंटेंट गढ़ती हैं, जो प्रेरक होने के साथ-साथ जानकारीपूर्ण भी होता है।

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