Shani Jayanti 2026: शनि जयंती का दिन भगवान शनि देव की पूजा-अर्चना के लिए बेहद खास माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन न्याय के देवता शनि महाराज की विधिपूर्वक पूजा करने से जीवन की परेशानियां कम हो सकती हैं। खासतौर पर जिन लोगों पर शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या चल रही हो, उनके लिए यह दिन बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शनि व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार फल देते हैं। ऐसे में शनि जयंती पर कुछ विशेष उपाय करने से शनि दोष शांत होने और सकारात्मक परिणाम मिलने की मान्यता है। आइए जानते हैं ऐसे 5 खास उपाय (Shani Dosha Remedies) जिन्हें शनि जयंती पर करना शुभ माना जाता है।
शनि की ढैय्या किन राशियों पर चल रही है
वर्तमान समय में शनि की ढैय्या मुख्य रूप से सिंह और धनु राशि वालों पर चल रही रही है। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार इस दौरान व्यक्ति को करियर, धन, मानसिक तनाव और पारिवारिक मामलों में चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि मेहनत, धैर्य और सही कर्मों से सकारात्मक परिणाम भी मिलते हैं।
शनि की साढ़ेसाती किन राशियों पर चल रही है
इस समय शनि की साढ़ेसाती कुंभ, मीन और मेष राशि पर चल रही है। कुंभ राशि वालों पर साढ़ेसाती का अंतिम चरण है, जिसमें पुराने कार्यों के परिणाम सामने आ सकते हैं। मीन राशि पर दूसरा चरण चल रहा है, जिसे सबसे प्रभावशाली माना जाता है और इसमें मानसिक व आर्थिक दबाव बढ़ सकता है। वहीं मेष राशि पर पहला चरण शुरू हो चुका है, जिससे जीवन में नए बदलाव और जिम्मेदारियां बढ़ने की संभावना रहती है। ज्योतिष अनुसार धैर्य, अनुशासन और अच्छे कर्म इस समय राहत दिला सकते हैं। इसके अलावा आगे बताए गए 5 उपाय भी आपको साढ़ेसाती के असर से राहत दिला सकते हैं।
1. पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाएं
शनि जयंती के दिन शाम के समय पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाना बेहद शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इससे शनि देव प्रसन्न होते हैं और जीवन की बाधाएं दूर होने लगती हैं। दीपक जलाते समय “ॐ शं शनैश्चराय नमः” मंत्र का जाप करें।
2. काले तिल और तेल का दान करें
शनि देव को काले रंग की वस्तुएं प्रिय मानी जाती हैं। ऐसे में शनि जयंती पर काले तिल, उड़द दाल, काला कपड़ा या सरसों के तेल का दान करना शुभ माना जाता है। जरूरतमंदों को दान देने से शनि की कृपा प्राप्त होने की मान्यता है।
3. हनुमान जी की पूजा जरूर करें
हनुमान जी को शनिदेव का इष्ट माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जो व्यक्ति नियमित रूप से हनुमान जी की पूजा करता है, उस पर शनि देव की कठोर दृष्टि नहीं पड़ती है। शनि जयंती के दिन हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ करना लाभकारी माना जाता है।
4. शनि मंत्र का जाप करें
इस दिन शनि मंत्रों का जाप करना विशेष फलदायी माना गया है। आप शनि जयंती के दिन “ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः” मंत्र का 108 बार जाप कर सकते हैं।
5. कर्मों में सुधार
शनि देव को न्याय का देवता कहा जाता है। इसलिए केवल पूजा-पाठ ही नहीं, बल्कि अच्छे कर्म करना भी जरूरी माना गया है। इस दिन गरीबों, बुजुर्गों और जरूरतमंद लोगों की सहायता करने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं। इस दिन किसी भूखे व्यक्ति को भोजन कराना भी शुभ माना जाता है।
