अध्यात्म

Sehri Ki Dua: सेहरी की दुआ, रोजा रखने से पहले जरूर पढ़ें ये दुआ तो बरसेगी खुदा की रहमत, देखें सेहरी की नियत

सेहरी की नियत, सेहरी की दुआ (Sehri Karne Ki Dua): इस्लाम के पाक महीने रमजान की शुरुआत हो गई है। सेहरी (सहूर) रमजान के महीने में फज्र की नमाज से पहले खाया जाने वाला खाना है। इस वक्त पढ़ी जाने वाली सेहरी की दुआ न सिर्फ इबादत की नीयत को मजबूत करती है बल्कि रोजे को मुकम्मल तौर पर अल्लाह के लिए खास बनाती है। यहां से आप सेहरी की दुआ पढ़ सकते हैं।

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सेहरी की दुआ हिंदी में (pc: canva)

सेहरी की नियत, सेहरी की दुआ (Sehri Karne Ki Dua): सेहरी का वक्त फज्र से पहले का होता है। यह समय बहुत बरकत वाला माना जाता है। सेहरी करना सुन्नत है और इसे नबी-ए-करीम (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने कभी नहीं छोड़ा। सेहरी करने से रोजे में ताकत मिलती है और यह आपकी इबादत में मदद करता है। सेहरी के वक्त उठकर दुआएं करना और अल्लाह से हिदायत मांगना बहुत फायदेमंद होता है। सेहरी के दौरान की गई दुआओं को अल्लाह जल्दी कुबूल करता है।

रोज़ा रखने की दुआ, सेहरी की दुआ (Sehri Ki Dua)-

दुआ- व बि सव्मि ग़दन नवैतु मिन शहरी रमज़ान

तर्जुमा- मैंने रमजान के महीने के कल के रोजे की नीयत की।

बिस्मिल्लाहिर् रहमानी रहिम। 'व बि सव्मि ग़दन नवैतु मिन शहरी रमज़ान' दुआ का मतलब है कि आप अगले दिन के रोज़े की नीयत कर रहे हैं। नीयत का मतलब होता है आप मन में यह ठान रहे हैं कि आप अल्लाह के हुक्म के मुताबिक रोज़ा रखेंगे। नीयत बहुत अहम होती है, क्योंकि ये आपके इरादे को मज़बूती देती है। याद रहें अगर आपने पहले से ही रोज़ा रखने की नियत की थी, लेकिन ये दुआ नही पढ़ी और सेहरी का वक्त खत्म हो गया तो ऐसे में आप अपना रोज़ा कंटिन्यू कर सकते हैं। क्योंकि आपने पहले ही रोज़े की नियत कर ली थी। रोज़ा रखने के लिए इस दुआ को पढ़ना लाज़िम और ज़रूरी नहीं है। बस नियत ही काफी है।

अंग्रेजी में रोज़ा रखने की दुआ (Roza Rakhne Ki Dua in English)-

'Wa bisawmi ghadin nawaiytu min shahri Ramadan.'

Meaning- I intend to keep the fast for tomorrow in the month of Ramadan.

अरबी में रोज़ा रखने की दुआ (Roza Rakhne Ki Dua in Arabic)-

وَبِصَوْمِ غَدٍ نَوَيْتُ مِنْ شَهْرِ رَمَضَانَ

अगर कोई व्यक्ति सिर्फ दिल में यह इरादा कर ले कि वह अल्लाह की रज़ा के लिए रोज़ा रख रहा है, तो उसकी नीयत पूरी मानी जाती है।

रोज़ा खोलने की दुआ (Roza Kholne Ki Dua in Hindi)-

‘अल्लाहुम्मा इन्नी लका सुम्तु, व बिका आमन्तु, व अलैका तवक्कल्तु, व अला रिज़्किका अफ़्तरतु।’

अर्थ- ऐ अल्लाह! मैंने तेरे लिए रोज़ा रखा, तुझ पर ईमान लाया, तुझ पर भरोसा किया और तेरी दी हुई रोज़ी से रोज़ा खोला।

अंग्रेजी में रोज़ा खोलने की दुआ (Roza Kholne Ki Dua in English)-

'Allahumma inni laka sumtu wa bika aamantu wa ‘alayka tawakkaltu wa ‘ala rizqika aftartu.'

Meaning- O Allah! I fasted for You, I believe in You, I trust in You and with Your sustenance I break my fast.

अरबी में रोज़ा खोलने की दुआ (Roza Kholne Ki Dua in Arabic)-

اللَّهُمَّ إِنِّي لَكَ صُمْتُ وَبِكَ آمَنْتُ وَعَلَيْكَ تَوَكَّلْتُ وَعَلَى رِزْقِكَ أَفْطَرْتُ

Srishti
सृष्टिauthor

सृष्टि टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की फीचर डेस्क से जुड़ी कंटेंट राइटर हैं, जो मुख्य रूप से धर्म और लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। सृष्टि को आध्यात्म, भारतीय संस्कृति और साहित्य में गहरी रुचि है। यही वजह है कि उनके लेखों में परंपरा, आस्था और जीवनशैली की सहज समझ खूबसूरती से दिखाई देती है। वह धार्मिक कथाओं, ग्रंथों से जुड़े विषयों, आध्यात्मिक ट्रेंड्स और समकालीन जीवनशैली पर 5,000 से अधिक लेख लिख चुकी हैं। मॉडर्न लाइफस्टाइल और पारंपरिक मूल्यों के बीच संतुलन बनाते हुए वह ऐसे कंटेंट गढ़ती हैं, जो प्रेरक होने के साथ-साथ जानकारीपूर्ण भी होता है।

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