Sawan Somvar Vrat Katha In Hindi (सावन सोमवार व्रत कथा): सनातन धर्म में सोमवार व्रत का विशेष महत्व माना जाता है और जब बात सावन सोमवार व्रत की हो तो इसका महत्व कई गुना बढ़ जाता है। कहते हैं इस दिन भगवान शिव की विधि विधान पूजा करने और उनका रुद्राभिषेक करने से उनकी असीम कृपा प्राप्त होती है। ये व्रत वैवाहिक जीवन में खुशियां लाता है। कहा ये भी जाता है कि अगर कुंवारी कन्याएं इस व्रत को करती हैं तो उन्हें योग्य वर की प्राप्ति होती है। चलिए जानते हैं सावन सोमवार की व्रत कथा।
सावन सोमवार व्रत कथा (Sawan Somwar Vrat katha In Hindi)
स्कन्द पुराण अनुसार एक बार सनत कुमार भगवान शिव से पूछते हैं कि, “हे प्रभु आपको सभी महीनों में सावन ही इतना प्रिय क्यों हैं?” जिस पर भगवान शिव जवाब देते हुए कहते हैं, “मुझसे विवाह रचाने के लिए देवी सती ने कठोर तपस्या करने के साथ-साथ अपने पिता के विरुद्ध तक जाने का बड़ा निर्णय भी लिया। मुझसे विवाह के बाज जब उन्होंने अपने पिता के घर पर मेरा होते हुए देखा तब उन्होंने अपने प्राण त्याग दिए। इसके बाद देवी सती का जन्म पर्वत राज हिमालय और नैना की पुत्री के रूप में हुआ और उनका नाम पार्वती रखा गया। इस जन्म में उन्होंने मुझसे विवाह करने के लिए इसी श्रावण माह में निराहार रहकर कठोर तपस्या की जिसके फलस्वरूप उनका विवाह मुझसे हुआ। इसीलिए सावन महीने और उसमें पड़ने वाले सोमवार व्रत का विशेष महत्व माना जाता है और कुंवारी कन्याएं भगवान शिव जैसा पति पाने के लिए ये व्रत रखती हैं।
सावन सोमवार व्रत का महत्व (Sawan Somwar Vrat Mahatva)
इसके अलावा ये भी कहा जाता है कि इसी महीने में भगवान शिव ने अपनी ससुराल पृथ्वी पर जाने का फैसला लिया था। जहां पर उनका जलाभिषेक द्वारा स्वागत किया गया था। इसलिए ऐसी मान्यता है कि जो भी भक्त सावन सोमवार का व्रत करते हुए भगवान शिव की विधि विधान पूजा करता है उसकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं।
