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Sawan 2025 FAQs: क्या सावन में काटने चाहिए बाल, दाढ़ी और नाखून? जानें, क्या कहते हैं नियम

Sawan 2025 FAQs: सावन के शुभ महीने की शुरुआत हो गई है और इसी के साथ शुरू हो गए हैं लोगों के मन में ढ़ेर सारे सवाल। कोई ये जानना चाहता है कि सावन में नाखून काट सकते हैं या नहीं तो कोई सर्च कर रहा है कि सावन में बाल काटने की मनाही होती है क्या? यहां आपको इन सवालों के जवाब मिलेंगे।

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क्या सावन में काटने चाहिए बाल, दाढ़ी और नाखून? (Photo Source: Times Now Navbharat)

Sawan 2025 FAQs: सावन का महीना चल रहा है। इस महीने में लोग भोलेनाथ की भक्ति में झूमते नजर आते हैं। इस महीने में भक्त पूजा और जल अर्पण के अलावा क्या करें और क्या न करें, इस बात का भी पूरा ध्यान रखते हैं। सबसे ज्यादा तो लोग ये पूछ रहे हैं कि सावन में बाल काट सकते हैं क्या। इतना ही नहीं, दाढ़ी काटने, नाखून काटने को लेकर भी लोगों के मन में कंफ्यूजन रहती है। इसलिए हम आपके इन सभी सवालों का जवाब लेकर आए हैं।

क्या सावन में बाल और दाढ़ी काट सकते हैं?

भगवान शिव को अक्सर लंबे बालों (जटाधारी) और घनी दाढ़ी के साथ दिखाया जाता है। बहुत से भक्त मानते हैं कि सावन में अपने बाल, दाढ़ी और नाखून न काटना भगवान शिव के प्राकृतिक रूप का सम्मान करने जैसा है। साथ ही सावन के महीने में शिव जी की पूजा और तपस्या की जाती है तो अपने शारीरिक श्रृंगार पर ध्यान नहीं देना चाहिए।

क्या सावन में नाखून काट सकते हैं?

वैसे तो सावन के महीने में नाखून काटने के लिए मना नहीं किया जाता है, लेकिन जिस दिन आपका व्रत हो उस दिन आप नाखून काटने से बच सकते हैं। सावन के महीने में भी मंगलवार, गुरुवार और शनिवार के दिन भूलकर भी नाखून न कांटे। बाकी आप नाखून काट सकते हैं, इससे कोई नुकसान नहीं है।

क्या सावन में बैंगन खा सकते हैं?

धार्मिक दृष्टिकोण से, बैंगन को अशुद्ध माना जाता है और इसे किसी भी शुभ अवसर पर नहीं खाना चाहिए। सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित है और इस महीने में बैंगन खाने से परहेज किया जाता है। तो आपको पूरे महीने बैंगन नहीं खाना है।

क्या सावन में झाड़ू खरीद सकते हैं?

सावन के महीने में झाड़ू खरीदना शुभ नहीं माना जाता है। खासतौर से सावन के सोमवार के दिन तो झाड़ू बिल्कुल भी नहीं खरीदना चाहिए।

हर हर महादेव!

Srishti
सृष्टिauthor

सृष्टि टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की फीचर डेस्क से जुड़ी कंटेंट राइटर हैं, जो मुख्य रूप से धर्म और लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। सृष्टि को आध्यात्म, भारतीय संस्कृति और साहित्य में गहरी रुचि है। यही वजह है कि उनके लेखों में परंपरा, आस्था और जीवनशैली की सहज समझ खूबसूरती से दिखाई देती है। वह धार्मिक कथाओं, ग्रंथों से जुड़े विषयों, आध्यात्मिक ट्रेंड्स और समकालीन जीवनशैली पर 5,000 से अधिक लेख लिख चुकी हैं। मॉडर्न लाइफस्टाइल और पारंपरिक मूल्यों के बीच संतुलन बनाते हुए वह ऐसे कंटेंट गढ़ती हैं, जो प्रेरक होने के साथ-साथ जानकारीपूर्ण भी होता है।

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