ओम जय सरस्वती माता मैया जय सरस्वती माता आरती लिरिक्स, बसंत पंचमी की आरती: बसंत पंचमी के त्योहार पर मां सरस्वती की मूर्ति स्थापित करने के बाद उनकी विधि विधान पूजा की जाती है। कहते हैं इस पवित्र दिन पर जो श्रद्धालु सच्चे मन से मां की उपासना करता है उसे जीवन के हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त होती है। ऐसे में अगर आप भी मां सरस्वती की पूजा कर रहे हैं तो कथा पाठ के बाद उनकी आरती जरूर करें। यहां से आप सरस्वती माता की आरती के लिरिक्स (बोल) देख सकते हैं। साथ ही यहां गणेश जी की आरती भी दी गई है, क्योंकि आज सरस्वती माता के साथ बप्पा की पूजा भी होती है। देखें बसंत पंचमी की आरती यहां-
सरस्वती माता की आरती (Saraswati Mata Ki Aarti )-
जय सरस्वती माता, मैया जय सरस्वती माता ।
सदगुण वैभव शालिनी, त्रिभुवन विख्याता ॥
जय जय सरस्वती माता...॥
चन्द्रवदनि पद्मासिनि, द्युति मंगलकारी ।
सोहे शुभ हंस सवारी, अतुल तेजधारी ॥
जय जय सरस्वती माता...॥
बाएं कर में वीणा, दाएं कर माला ।
शीश मुकुट मणि सोहे, गल मोतियन माला ॥
जय जय सरस्वती माता...॥
देवी शरण जो आए, उनका उद्धार किया ।
पैठी मंथरा दासी, रावण संहार किया ॥
जय जय सरस्वती माता...॥
विद्या ज्ञान प्रदायिनि, ज्ञान प्रकाश भरो ।
मोह अज्ञान और तिमिर का, जग से नाश करो ॥
जय जय सरस्वती माता...॥
धूप दीप फल मेवा, माँ स्वीकार करो ।
ज्ञानचक्षु दे माता, जग निस्तार करो ॥
॥ जय सरस्वती माता...॥
माँ सरस्वती की आरती, जो कोई जन गावे ।
हितकारी सुखकारी, ज्ञान भक्ति पावे ॥
जय जय सरस्वती माता...॥
जय सरस्वती माता, जय जय सरस्वती माता ।
सदगुण वैभव शालिनी, त्रिभुवन विख्याता ॥
गणेश जी की आरती (Ganesh Ji Ki Aarti)-
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
एक दंत दयावंत, चार भुजा धारी।
माथे सिंदूर सोहे, मूसे की सवारी॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
पान चढ़े फल चढ़े, और चढ़े मेवा।
लड्डुअन का भोग लगे, संत करें सेवा॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
अंधन को आंख देत, कोढ़िन को काया।
बांझन को पुत्र देत, निर्धन को माया॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
'सूर' श्याम शरण आए, सफल कीजे सेवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
दीनन की लाज रखो, शंभु सुतकारी।
कामना को पूर्ण करो, जाऊं बलिहारी॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
भगवान गणेश की जय, पार्वती के लल्ला की जय
सरस्वती वंदना लिरिक्स (Saraswati Vandana Lyrics)-
या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता
या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना।
या ब्रह्माच्युत शंकरप्रभृतिभि र्देवैः सदा वन्दिता
सा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा ॥1॥
शुक्लां ब्रह्मविचार सारपरमामाद्यां
जगद्व्यापिनींवीणापुस्तकधारिणीमभयदां।
जाड्यान्धकारापहाम्हस्ते स्फटिकमालिकां विदधतीं
पद्मासने संस्थिताम्वन्दे तां परमेश्वरीं
भगवतीं बुद्धिप्रदां शारदाम्॥2॥
बसंत पंचमी के गीत लिरिक्स, मां शायदे.. (Basant Panchami Geet)-
माँ शारदे, माँ शारदे,
माँ शारदे, माँ शारदे,
ओ मैया हम तो हैं बालक तेरे माँ,
॥माँ शारदे माँ शारदे...॥
तू है दयालु बड़ी,
माँ वीणा पाणी,
करती दया हो सब पे,
अम्बे भवानी,
हो मैया विद्या का आके,
हमको भी भण्डार दे,
॥माँ शारदे, माँ शारदे...॥
करदो हमारी आज,
माँ पूरी आशा,
कब से है ‘शर्मा’ तेरे,
दर्शन का प्यासा,
ओ मैया दर्शन हमे भी,
आ के माँ एक बार दे,
॥माँ शारदे, माँ शारदे...॥
मांगे न ‘लक्खा’ तुमसे,
दौलत खजाना,
सात स्वरों का मुझको,
अमृत पिलाना,
ओ मैया मेरी ही माता के जैसा,
बस प्यार दे,
॥माँ शारदे, माँ शारदे...॥
माँ शारदे माँ शारदे,
मा शारदे माँ शारदे,
ओ मैया हम तो हैं बालक तेरे माँ,
॥माँ शारदे, माँ शारदे...॥
