अध्यात्म

Sankashti Chaturthi July 2023: संकष्टी चतुर्थी व्रत आज, नोट कर लें पूजा का समय

  • Authored by: लवीना शर्मा
  • Updated Jul 6, 2023, 06:43 AM IST

Sankashti Chaturthi 2023 Date And Time: श्रावण कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को गजानन संकष्टी चतुर्थी व्रत (Gajanana Sankashti Chaturthi 2023) रखा जाएगा। ये व्रत भगवान गणेश को समर्पित है।

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Sankashti Chaturthi July 2023 Date And Time

Sankashti Chaturthi 2023 Date And Time: संकष्टी चतुर्थी व्रत हिंदू कैलेंडर अनुसार हर महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को रखा जाता है। इस दिन गणेश जी की पूजा होती है। इस बार ये व्रत 6 जुलाई को रखा जाएगा। ये व्रत सूर्योदय से लेकर चंद्रोदय तक रखा जाता है। इस व्रत में रात्रि में चंद्रमा के दर्शन करना जरूरी माना गया है। यहां आप जानेंगे जुलाई में पड़ने वाले संकष्टी चतुर्थी व्रत की सही तिथि और मुहूर्त।

संकष्टी चतुर्थी जुलाई 2023 तिथि और समय (Sankashti Chaturthi July 2023 Date And Time)

श्रावण कृष्ण पक्ष की चतुर्थी की शुरुआत 6 जुलााई की सुबह 6 बजकर 30 मिनट पर शुरू हो गई है और इसकी समाप्ति देर रात 3 बजकर 12 मिनट पर हो जाएगी। ऐसे में संकष्टी चतुर्थी व्रत 6 जुलाई को रखा जाएगा। इस दिन चंद्रोदय समय रात 10 बजकर 12 मिनट का है।

संकष्टी चतुर्थी पूजा विधि (Sankashti Chaturthi Puja Vidhi)

  • इस दिन सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करें। फिर साफ़ वस्त्र धारण करें।
  • ईशान कोण में एक चौकी रखें। उसपर लाल या पीले रंग का साफ कपड़ा बिछा लें। फिर उस पर भगवान गणेश की प्रतिमा रखें।
  • फिर गणेश जी का ध्यान करें और व्रत का संकल्प लें।
  • भगवान गणेश को जल, दूर्वा, अक्षत, पान जरूर चढ़ाएं।
  • फिर “गं गणपतये नमः:” मंत्र का जाप करें।
  • गणेश जी को मोतीचूर के लड्डू या बूंदी या पीले मोदक का भोग लगाएं।
  • गणेश जी की पूजा करने के बाद रात में चंद्र देव की पूजा करें।
  • दूध, चंदन और शहद से चंद्रदेव को अर्घ्य दें। फिर अपना व्रत खोल लें।

संकष्टी चतुर्थी का महत्व (Sankashti Chaturthi Significance)

हिन्दू धार्मिक मान्यताओं अनुसार संकष्टी चतुर्थी के दिन पूजा करने से हर प्रकार की नकारात्मक ऊर्जा खत्म हो जाती है। इस व्रत को करने से भगवान गणेश की विशेष कृपा प्राप्त होती है साथ ही घर में सुख-शांति बनी रहती है। संकष्टी चतुर्थी व्रत सूर्योदय से शुरू होकर चंद्र दर्शन से खत्म होता है।

लवीना शर्मा
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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