अध्यात्म

Sangrand In July 2026: जुलाई में संग्रांद कब है 2026, जानें नानकशाही कैलेंडर में कौन सी तारीख से आरंभ होगा सावन

Sangrand In July 2026: जुलाई 2026 में संग्रांद कब है। जानें नानकशाही कैलेंडर के अनुसार सावन की शुरुआत कब से होगी। क्यों हिंदू पंचांग से पहले शुरू हो जाएगा सावन।

Image

जुलाई 2026 में संग्रांद की तारीख

Sangrand In July 2026: जुलाई का महीना शुरू होते ही सावन की चर्चा भी शुरू हो जाती है। लेकिन हर साल की तरह इस बार भी कई लोगों के मन में एक सवाल है- आखिर जुलाई 2026 में संग्रांद कब है और नानकशाही कैलेंडर के अनुसार सावन किस दिन से शुरू होगा। अगर आपके मन में भी यही सवाल है, तो इसका जवाब है तो जानें जुलाई 2026 में संग्रांद किस तारीख को है।

जुलाई 2026 संग्रांद डेट

16 जुलाई 2026 को गुरुवार संग्रांद मनाया जाएगा। नानकशाही और देसी सौर कैलेंडर के अनुसार इसी दिन सावन (सांवण) महीने की संग्रांद है और नए महीने का आरंभ माना जाएगा।

टाइम्स नाउ नवभारत पर ये भी पढ़ें: आषाढ़ी अमावस्या 2026 में कब है

16 जुलाई 2026 से क्यों शुरू होगा सावन

नानकशाही कैलेंडर सौर गणना (Solar Calendar) पर आधारित है। इसमें महीनों का निर्धारण सूर्य की चाल और राशि परिवर्तन के अनुसार किया जाता है। 16 जुलाई 2026 को सूर्य के राशि परिवर्तन के साथ सावन महीने की संग्रांद होगी। इसलिए इसी दिन से नानकशाही कैलेंडर में सावन महीने का आरंभ माना जाएगा।

पंजाब में इस महीने को सांवण कहा जाता है। इस दिन कई श्रद्धालु गुरुद्वारों में माथा टेकते हैं, अरदास करते हैं और सेवा-भाव से नए महीने की शुरुआत करते हैं।

टाइम्स नाउ नवभारत पर ये भी पढ़ें: आषाढ़ मास की एकादशी किस नाम से जानी जाती है

फिर हिंदू पंचांग में सावन 30 जुलाई से क्यों

यहीं सबसे ज्यादा भ्रम होता है। दरअसल, हिंदू पंचांग की गणना चंद्रमा की गति के आधार पर होती है। इसलिए इसमें महीनों की शुरुआत सूर्य के राशि परिवर्तन से नहीं, बल्कि चंद्र तिथियों के अनुसार होती है।

साल 2026 में आषाढ़ मास 29 जुलाई को समाप्त होगा, जिसके बाद 30 जुलाई 2026 से श्रावण मास आरंभ होगा। इसी दिन से सावन सोमवार, कांवड़ यात्रा, जलाभिषेक, मंगला गौरी व्रत और भगवान शिव की विशेष पूजा का क्रम शुरू माना जाएगा।

हिंदू पंचांग में सावन 2026 कब से है

हालांकि अगर आप हिंदू चंद्र पंचांग के अनुसार सावन का इंतजार कर रहे हैं, तो आपको थोड़ा और इंतजार करना होगा। इस पंचांग के अनुसार आषाढ़ मास 29 जुलाई 2026 को समाप्त होगा और 30 जुलाई से श्रावण (सावन) मास शुरू होगा। यही वजह है कि जुलाई में सावन की दो अलग-अलग तारीखें देखने को मिलती हैं।

क्या सावन 2026 की दोनों तारीखें सही हैं

बिल्कुल। दोनों तारीखें अपने-अपने कैलेंडर के अनुसार सही हैं।

  • 16 जुलाई 2026 को नानकशाही और देसी सौर कैलेंडर के अनुसार सावन संग्रांद और सावन महीने का आरंभ।
  • 30 जुलाई 2026 को हिंदू चंद्र पंचांग के अनुसार श्रावण (सावन) मास का पहला दिन।

इसलिए अगर आपको दोनों अलग-अलग तारीखें दिखाई दें, तो हैरान होने की जरूरत नहीं है। फर्क सिर्फ गणना पद्धति का है। एक कैलेंडर सूर्य की चाल को आधार बनाता है, जबकि दूसरा चंद्रमा की गति के अनुसार महीनों की गणना करता है।

संग्रांद का धार्मिक महत्व

संग्रांद को शुभ शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। इस दिन सुबह स्नान, सूर्य को अर्घ्य देना, ईश्वर का स्मरण करना और दान-पुण्य करना शुभ माना जाता है। पंजाब और सिख परंपरा में कई गुरुद्वारों में विशेष अरदास होती है, श्रद्धालु लंगर सेवा में हिस्सा लेते हैं और नए देसी महीने का स्वागत श्रद्धा और सेवा-भाव के साथ करते हैं।

Medha Chawla
मेधा चावलाauthor

मेधा चावला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर एसोसिएट एडिटर हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन की लीड हैं। लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 20 वर्षों का अनुभव रखने वाली मेधा की विशेषज्ञता हेल्थ, वेलनेस, फिटनेस, मेंटल हेल्थ, डेली लाइफ इम्प्रूवमेंट, ह्यूमन-इंटरेस्ट फीचर्स और रिसर्च-बेस्ड स्टोरीज तक फैली है। उनकी लेखन शैली पाठकों को जटिल स्वास्थ्य और जीवनशैली संबंधी विषयों को आसान, समझने योग्य और व्यवहारिक रूप में प्रस्तुत करती है, जिससे उनका कंटेंट व्यापक पाठक समूह से जुड़ता है। अबतक 30,000 से अधिक कंटेंट पीस लिख चुकी मेधा की कई एक्सक्लूसिव स्टोरीज डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ट्रेंड सेट कर चुकी हैं।

और पढ़ें
End of Article