अध्यात्म

Rudrabhishek Samagri List 2026: रुद्राभिषेक पूजन सामग्री लिस्ट, भगवान शिव के अभिषेक में क्या-क्या सामान लगता है

Rudrabhishek Samagri List 2026: सावन के महीने में रुद्राभिषेक करने से भगवान शिव और पार्वती की कृपा प्राप्त होती है। आइए जानते हैं कि रुद्राभिषेक करने के लिए क्या-क्या सामग्री लगती है।

Image

रुद्राभिषेक पूजा सामग्री और शिवलिंग अभिषेक

Rudrabhishek Samagri List 2026: सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। आज 11 अगस्त 2026 को सावन शिवरात्रि का पर्व मनाया जा रहा है और इसके अगले दिन 12 अगस्त को हरियाली अमावस्या रहेगी। सावन का पूरा महीना भगवान शिव को समर्पित होने के चलते इसमें रुद्राभिषेक कराने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं। ऐसे में सावन के इस विशेष दौर में भगवान शिव का रुद्राभिषेक करने के लिए मंदिरों और घरों में तैयारियां हो रही हैं।

रुद्राभिषेक में शिवलिंग का अलग-अलग द्रव्यों से अभिषेक कराया जाता है। इसमें जल, दूध, दही, घी, शहद और पंचामृत को शामिल किया जाता है। इसके साथ बेलपत्र, धतूरा, भस्म, चंदन, अक्षत, पुष्प और धूप-दीप से भगवान शिव का पूजन किया जाता है। अलग-अलग परंपराओं और संप्रदायों में सामग्री और क्रम में कुछ अंतर भी मिल सकता है।

सावन शिवरात्रि के दिन रुद्राभिषेक का धार्मिक महत्व और बढ़ जाता है। घर पर सरल तरीके से पूजा करने वाले श्रद्धालु भी सीमित सामग्री के साथ शिव अभिषेक कर सकते हैं। विस्तृत वैदिक रुद्राभिषेक, रुद्रसूक्त या नमकम-चमकम पाठ किसी योग्य आचार्य के मार्गदर्शन में कराया जाना अधिक उपयुक्त रहता है।

रुद्राभिषेक पूजन सामग्री की पूरी लिस्ट

रुद्राभिषेक के लिए सामग्री जुटाते समय दो हिस्से बनाए जा सकते हैं। इसमें एक अभिषेक की सामग्री और दूसरी सामान्य पूजन सामग्री होगी।

अभिषेक के लिए जरूरी सामग्री

  • शिवलिंग
  • शुद्ध जल
  • गंगाजल
  • दूध
  • दही
  • शहद
  • घी
  • शक्कर
  • पंचामृत
  • गन्ने का रस, यदि उपलब्ध हो
पंचामृत में सामान्यतः दूध, दही, घी, शहद और शक्कर का प्रयोग किया जाता है। रुद्राभिषेक की अलग-अलग परंपराओं में इसके बाद या साथ अन्य अभिषेक द्रव्य भी रखे जाते हैं।

भगवान शिव के श्रृंगार और पूजन की सामग्री

  • बेलपत्र
  • सफेद फूल
  • चंदन
  • अक्षत यानी साबुत चावल
  • भस्म
  • धतूरा
  • आक के फूल, परंपरा के अनुसार
  • रुद्राक्ष
  • जनेऊ
  • मौली या कलावा

पूजा के लिए सामान्य सामग्री

  • पूजा की चौकी
  • साफ कपड़ा
  • दीपक
  • घी या तेल
  • रूई की बत्ती
  • धूप
  • अगरबत्ती
  • कपूर
  • रोली
  • मौली
  • सुपारी
  • नारियल
  • फल
  • मिठाई या नैवेद्य
  • पंचपात्र या छोटा पात्र
  • पूजा की थाली

रुद्राभिषेक की विस्तृत सामग्री सूचियों में शिवलिंग, दूध, दही, शहद, घी, गन्ने का रस, बेलपत्र, भस्म, धतूरा और रुद्राक्ष के साथ सामान्य पूजन सामग्री का भी उपयोग किया जाता है।

कितनी रखनी चाहिए सामग्री

घर पर होने वाले सामान्य रुद्राभिषेक के लिए बहुत अधिक मात्रा में सामग्री जुटाना जरूरी नहीं है। एक शिवलिंग के लिए पर्याप्त मात्रा में जल, करीब एक से दो लीटर दूध, थोड़ी मात्रा में दही, शहद, घी और शक्कर रखी जा सकती है।

बेलपत्र कम से कम 11 या 21 रखे जा सकते हैं। फूल आवश्यकता के अनुसार लिए जा सकते हैं। पंचामृत बनाने के लिए पांचों सामग्री थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पर्याप्त रहती है। विस्तृत सामूहिक रुद्राभिषेक में सामग्री की मात्रा श्रद्धालुओं की संख्या और पूजा की अवधि के अनुसार बढ़ाई जाती है।

रुद्राभिषेक कैसे करें? जानें स्टेप-बाय-स्टेप विधि

रुद्राभिषेक कई चरण में किया जाना शुभ माना जाता है। आइए जानते हैं कि वे कौन से चरण हैं।

पहला चरण: स्नान और संकल्प

रुद्राभिषेक से पहले स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें। पूजा के स्थान को साफ करें और शिवलिंग को स्वच्छ स्थान पर स्थापित करें। इसके बाद भगवान शिव का ध्यान करते हुए संकल्प लें। संकल्प में अपना नाम, पूजा का उद्देश्य और तिथि का स्मरण किया जा सकता है। संकल्प का उद्देश्य पूजा के लिए मन को एकाग्र करना है। किसी विशेष मनोकामना के लिए रुद्राभिषेक किया जा रहा हो तो उसे भी संकल्प में रखा जा सकता है।

दूसरा चरण: दीप और गणेश पूजन

पूजा स्थल पर दीपक जलाएं। भगवान गणेश का स्मरण करके पूजा की शुरुआत करें। इसके बाद भगवान शिव, माता पार्वती और अपने इष्टदेव का ध्यान करें।

तीसरा चरण: शिवलिंग का जलाभिषेक

सबसे पहले शिवलिंग पर शुद्ध जल और गंगाजल अर्पित करें। जल की धारा धीरे-धीरे शिवलिंग पर गिराते हुए ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप करें। रुद्राभिषेक की परंपरागत विधि में जल से शुरुआत करना महत्वपूर्ण माना जाता है। अन्य द्रव्यों के अभिषेक के बीच भी जल से शुद्धि की जाती है। इसके बाद दूध, दही, घी, शहद और चीनी से अभिषेक करें। ध्यान रखे प्रत्येक द्रव्य के बाद जल से अभिषेक करते जाएं। इस दौरान एक बर्तन में थोड़ा दूध, दही, चीनी, घी, शहद निकाल लें।

चौथा चरण: पंचामृत से अभिषेक

अब निकाले गए दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से पंचामृत तैयार करें। पंचामृत से शिवलिंग का अभिषेक करें। इस दौरान ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप जारी रखें। इसके अलावा आप रुद्राध्याय, नमकम-चमकम या संबंधित वैदिक मंत्रों का विधिवत पाठ करते हुए अभिषेक कर सकते हैं। मंत्रों का ज्ञान नहीं होने पर पंचाक्षरी मंत्र से भी अभिषेक कर सकते हैं।

पांचवां चरण: अन्य अभिषेक द्रव्य

परंपरा के अनुसार पंचामृत के बाद गन्ने का रस या अन्य फलों के रस अर्पित किए जा सकते हैं। हर द्रव्य के बाद स्वच्छ जल से शिवलिंग को धोना अच्छा रहता है। इससे अगला द्रव्य सीधे पहले द्रव्य के ऊपर जमा नहीं रहता और पूजा की स्वच्छता भी बनी रहती है।

छठा चरण: अंतिम जलाभिषेक

सभी द्रव्यों से अभिषेक पूरा होने के बाद शिवलिंग पर दोबारा स्वच्छ जल चढ़ाएं। इसके बाद गंगाजल अर्पित करें। यह चरण अभिषेक की पूर्णता का हिस्सा माना जाता है।

सातवां चरण: बेलपत्र और श्रृंगार सामग्री अर्पित करें

अब शिवलिंग पर इत्र लगाएं। इसके बाद वस्त्र और जनेऊ अर्पित करें। फिर भस्म, अष्टगंध और चंदन प्रभु को अर्पित करें।इसके बाद सफेद फूल, अक्षत, जौ, धतूरा, अन्य फल व नैवेद्य अर्पित करें। इसके बाद ही आपको बेलपत्र अर्पित करना है। बेलपत्र एक-एक करके अर्पित करें। इस बात का ध्यान रखें कि बेलपत्र में डंठल न हो। प्रत्येक बेलपत्र का चिकना भाग शिवलिंग की ओर रखें।

आठवां चरण: मंत्र जाप

पूजन के दौरान ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करें। इसके साथ ही महामृत्युंजय मंत्र, रुद्राष्टक या शिव चालीसा का पाठ करें। वैदिक रुद्राभिषेक में रुद्राध्याय के नमकम और चमकम का पाठ किया जाता है। हालांकि, इसकी विधिवत उच्चारण परंपरा अलग है, इसलिए पूर्ण वैदिक पाठ के लिए आचार्य की सहायता लेना उचित रहता है।

नौवां चरण: धूप, दीप

भगवान शिव के सामने धूप और दीप दिखाएं। कपूर से आरती करें। अंत में भगवान शिव और माता पार्वती की आरती करके परिवार की सुख-शांति के लिए प्रार्थना करें, फिर गलतियों के लिए क्षमा मांगें।

डिसक्लेमर: यहां दी गई जानकारी पुराणों पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।

Mohit Tiwari
मोहित तिवारीauthor

मोहित तिवारी को पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 साल का अनुभव है। इन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रतिष्ठित न्यूजपेपर में फील्ड रिपोर्टिंग से की थी। मोहित ने प्रिंट, टीवी और डिजिटल तीनों प्लेटफॉर्म पर काम किया है। देश-विदेश, लाइफस्टाइल, धर्म और आध्यात्मिक विषयों में गहरी रुचि रखने वाले मोहित ने ज्योतिष का भी व्यापक अध्ययन किया है। मोहित के आलेख लाइफस्टाइल, हेल्थ, न्यूज, धर्म, ज्योतिष आदि विषयों पर गहरी शोध और प्रामाणिकता पर आधारित होते हैं और इन विषयों पर वह 12,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं।

और पढ़ें
End of Article