Ravan Dahan Dekhne Ke Niyam: हर साल आश्विन मास की शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को रावण दहन मनाया जाता है। ये भारत का एक प्रमुख हिंदू त्योहार है जो असत्य पर सत्य की, अधर्म पर धर्म की, और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। आज दशहरा है और देशभर में रावण दहन किया जा रहा है। बड़े बड़े मैदानों में रावण का पुतला जलाया जाता है। लेकिन रावण दहन देखना चाहिए या नहीं, इसके बारे में आप यहां से जान सकते हैं।
रावण दहन देखना चाहिए या नहीं?
रावण दहन बुराई पर अच्छाई की जीत है, इसलिए रावण दहन जरूर देखना चाहिए। वहीं, वेद- पुराणों की माने तो रावण दहन नहीं देखना चाहिेए। क्योंकि एक शव को जलाने की जो प्रक्रिया होती है, ठीक वही प्रक्रिया रावण दहन में भी की जाती है, इसलिए ये देखना शुभ नहीं माता जाता है।
किन 5 लोगों को नहीं देखना चाहिए रावण दहन?
- गर्भवती महिलाएं को रावण दहन नहीं देखना चाहिए।
- नवविवाहित जोड़ा, जिनकी शादी को 1 साल भी नहीं हुए हैं उन्हें रावण दहन नहीं देखना चाहिए।
- नवजात शिशू और छोटे बच्चे को रावण दहन नहीं देखना चाहिए।
- बुजुर्ग और बीमार व्यक्ति को रावण दहन नहीं देखना चाहिए।
- मासिक धर्म के दौरान लड़कियों को रावण दहन नहीं देखना चाहिए।
रावण की लकड़ी लाने से क्या होता है?
रावण दहन होने के बाद भूलकर भी जली हुई लकड़ी और राख को घर पर नहीं लाना चाहिए। इससे घर की सुख-शांति चली जाती है और गृह क्लेश बढ़ जाते हैं।
क्या रावण दहन देखने के बाद स्नान करना चाहिए?
रावण दहन देखने के बाद पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान जरूर करना चाहिए। बिना स्नान किए घर में प्रवेश न करें।
