Ramadan 2024 Date In India: इस्लामिक कैलेंडर अनुसार साल 2024 में रमाजन महीना 11 मार्च से शुरू होगा और इसकी समाप्ति 9 अप्रैल को होगी। रमजान खत्म होने के बाद शव्वाल महीने की पहली तारीख को ईद-उल-फितर का त्योहार मनाए जाता है। जो इस बार 10 अप्रैल को मनाए जाने की उम्मीद है। इस्लाम धर्म को मानने वाले लोग रमजान यानी रमदान के महीने में अपना अधिक से अधिक समय अल्लाह की इबादत करने में बिताते हैं। इस महीने रोजे रखे जाते हैं। जानिए रमजान महीने का महत्व।
रमजान का इतिहास (Ramadan History)
इस्लामिक धार्मिक मान्यताओं अनुसार मोहम्मद साहब को साल 610 में लेयलत उल-कद्र के मौके पर पवित्र पुस्तक कुरान शरीफ का ज्ञान प्राप्त हुआ था। कहते हैं तभी से रमजान को पाक महीने के रुप में मनाया जाने लगा। इस महीने में मुस्लिम धर्म के लोग रोजे रखते हैं और उन्हें इस दौरान कुछ विशेष सावधानियां बरतने की सलाह दी जाती है। रोजा सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक रखा जाता है। रमाजन में रोजे रखने के अलावा इस्लाम धर्म की पवित्र पुस्तक कुरान को पढ़ना भी बहुत शुभ माना जाता है।
रोजा कैसे रखते हैं (Roza Kaise Rakhte Hain)
रोजा रखने वाले मुस्लिम लोग सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक कुछ भी नहीं खाते-पीते हैं। सुबह सूरज निकलने से पहले सहरी की जाती है। इस दौरान मुस्लिम लोग रोजा शुरू करने से पहले कुछ खा लेते हैं। सहरी के बाद पूरे दिन अन्न और जल कुछ भी ग्रहण नहीं किया जाता। फिर शाम में सूरज के डूबने के बाद इफ्तार करते हैं।
रोजे का महत्व (Roza Significance)
रोजे का मतलब सिर्फ भूखे-प्यासे रहना ही नहीं है बल्कि इसके साथ-साथ अपने मन, जिस्म और नब्जों पर कंट्रोल रखना भी रोजा का महत्वपूर्ण नियम होता है। रोजा रखने वाले व्यक्ति को न तो किसी को जुबान से तकलीफ देनी होती है और न ही हाथों से किसी का नुकसान करना होता है। इस दौरान गलत काम न तो करना होता है और न ही करते हुए देखना होता है। कुल मिलाकर रोजा के समय अपने आप को पाक रखना जरूरी होता है और हर समय अल्लाह की इबादत करते रहना होता है।
