Rama Ekadashi 2024 Date And Time: सनातन हिंदू धर्म में एकादशी के व्रत का विशेष महत्व है। कार्तिक माह की पहली एकादशी को ही रमा एकादशी या रंभा एकादशी कहते है। कहते हैं इस दिन के व्रत से मनुष्य को वैकुण्ठ लोक की प्राप्ति होती है और उसको जन्म-मरण के बंधनों से मुक्ति मिलती है। इस व्रत में विधि-पूर्वक पूजा-पाठ करने मात्र से ही व्यक्ति को सुख और शांति मिलती है। जानें रमा एकादशी की कथा, प्रचलन और पूजन-विधि को।
रमा एकादशी 2024 डेट और टाइम (Rama Ekadashi 2024 Date And Time)
एकादशी तिथि प्रारम्भ - अक्टूबर 27, 2024 को 05:23 ए एम बजे
एकादशी तिथि समाप्त - अक्टूबर 28, 2024 को 07:50 ए एम बजे
रमा एकादशी व्रत - 28 अक्टूबर 2024
रमा एकादशी व्रत की कथा (Rama Ekadashi Vrat Katha)
पौराणिक कथा के अनुसार, एक नगर में मुचकंद नाम के राजा राज्य करते थें। उनकी एक बेटी थी जिसका नाम चंद्रभागा था जिसका राजा चंद्रसेन के पुत्र शोभन से करवाया गया। चंद्रभागा के यहां सब कोई एकादशी व्रत के पालन करते थें किंतु उसका पति भूखा नहीं रह सकता था। शोभन अपनी पत्नी के साथ उसके मायके आया और उसी समय एकादशी का व्रत पड़ा। राजा मुचकंद के राज्य हर व्यक्ति एकादशी का व्रत करता था और शोभन को अंत में एकादशी का व्रत रखना ही पड़ा। बाद में उसे अतुलित यश की प्राप्ति हुई।
रमा एकादशी व्रत का महत्व (Rama Ekadashi Ka Mahatva)
भगवान विष्णु को यह व्रत अत्यंत ही प्रिय है। महाभारत काल में श्रीकृष्ण ने पांडवो को इस व्रत के बारे में बताया था। उत्तर भारत में इस व्रत की बहुत महत्वता और प्रचलन है। कहते हैं इस व्रत को करने मात्र से ही मनुष्य के कष्टों का अंत हो जाता है और उन पर श्री हरि की कृपा बरसती है।
रमा एकादशी व्रत की पूजन-विधि (Rama Ekadashi Puja Vidhi)
इस दिन सवेरे स्नान कर पूजा स्थल की साफ-सफाई करें। भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी के सामने दीप जला कर दोनों का स्मरण करें और व्रत का संकल्प ले और पूरे दिन व्रत करें और मुहूर्त के अंत होने पर व्रत का उद्यापन करें।
