अध्यात्म

Ram Ji Ke Mantra: राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा की वर्षगांठ पर राम जी के इन मंत्रों का जरूर करें जाप, मिलेगी मानसिक शांति

Ram Ji Ke Mantra In Sanskrit (राम जी के मंत्र इन संस्कृत): राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा की पहली सालगिरह पर हम आपको बताएंगे राम जी के कुछ खास मंत्रों के बारे में। जिनके जाप से आपके जीवन के सभी दुख दूर हो जाएंगे।

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Ram Ji Ke Mantra

Ram Ji Ke Mantra In Sanskrit (राम जी के मंत्र इन संस्कृत): कहते हैं राम जी के मंत्रों का जाप प्रतिदिन करना चाहिए क्योंकि इससे जीवन में सकारात्मकता बनी रहती है और आत्मविश्वास भी बढ़ता है। अगर राम जी के मंत्रों का जाप करना कठिन लगता है तो आप सिर्फ भगवान राम का नाम लेकर ही उनकी अराधना कर सकते हैं। क्योंकि भगवान राम का नाम अपने आप में एक महामंत्र है। इस नाम का जाप करने मात्र से ही व्यक्ति के सभी कष्ट दूर होने लगते हैं। आज राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा सालगिरह का पावन उत्सव मनाया जा रहा है ऐसे में आज के दिन राम जी के कुछ विशेष मंत्रों का जाप जरूर करें।

Ram Ji Ke Mantra In Sanskrit (श्री राम मंत्र)

सर्वार्थसिद्धि श्री राम ध्यान मंत्र- ॐ आपदामप हर्तारम दातारं सर्व सम्पदाम, लोकाभिरामं श्री रामं भूयो भूयो नामाम्यहम ! श्री रामाय रामभद्राय रामचन्द्राय वेधसे रघुनाथाय नाथाय सीताया पतये नमः !

सफलता मंत्र

ॐ राम ॐ राम ॐ राम ह्रीं राम ह्रीं राम श्रीं राम श्रीं राम - क्लीं राम क्लीं राम। फ़ट् राम फ़ट् रामाय नमः ।

प्रतिदिन प्रभु के स्मरण हेतु मंत्र

श्री राम जय राम जय जय राम

मनोकामना पूर्ति हेतु मंत्र

श्री रामचन्द्राय नमः

विपत्ति में रक्षा हेतु मंत्र

राम रामेति रामेति रमे रामे मनोरमे । सहस्त्र नाम तत्तुन्यं राम नाम वरानने

शास्त्रों में कहा गया है भगवान राम का नाम स्वयं में ही एक महामंत्र है। राम नाम की महिमा अपरंपार है। इसके जप से ब्रह्मज्ञान की प्राप्ति सहज हो जाती है। भगवान राम के नाम को जपने से सभी दुःखों का अंत होता है।

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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