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Raksha Bandhan Sona Pujan Image 2024: रक्षाबंधन के दिन दीवार पर ऐसे बनाए सोना की आकृति, जानिए कैसे करें श्रावण कुमार की पूजा

Raksha Bandhan Sona Pujan Image 2024: रक्षा बंधन के दिन कई जगह श्रवण कुमार का पूजन किया जाता है। जिसे सोना पूजन के नाम से जाना जाता है। चलिए जानते हैं इस साल सोना पूजन कब है।

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Raksha Bandhan Sona Pujan Image 2024: रक्षाबंधन के दिन दीवार पर ऐसे बनाए सोना की आकृति, जानिए कैसे करें श्रावण कुमार की पूजा

Raksha Bandhan Sona Pujan Image 2024: भारत के कई इलाकों में रक्षाबंधन के दिन सोना पूजन किया जाता है। कहते हैं इसके बिना राखी का त्योहार अधूरा माना जाता है। कई जगह सोना पूजने के बाद ही भाई को राखी बांधी जाती है। सोना पूजन उसी जगह पर किया जाता है जहां पर नाग पंचमी की पूजा की गई होती है। वहीं पर दीवार पर सोना की आकृति बनाकर उसकी पूजा होती है। चलिए जानते हैं सोना पूजन तिथि, मुहूर्त और महत्व।

रक्षाबंधन पर सोना पूजन 2024 (Raksha Bandhan 2024 Sona Pujan)

सोना पूजन 19 अगस्त को है। रक्षाबंधन के दिन सोना पूजन सुबह के समय की जाती है। कई जगह सोना पूजने के बाद ही भाई को राखी बांधी जाती है।

Raksha Bandhan Sona Pujan Image 2024

raksha bandhan sona pujan image 2024

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सोना पूजन विधि (Sona Pujan Vidhi)

सोना पूजने के लिए हल्दी, रोली, अक्षत, जल से भरा लोटा, राखी या कलावा, गेरू और मीठे जवे की जरूरत होती है। इसके बाद दीवार पर सोना का चित्र बनाया जाता है। जिसकी विधि विधान पूजा की जाती है। साथ ही राखी भी चढ़ाई जाती है। इसके बाद ही भाई को राखी बांधी जाती है।

sona pujan image

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रक्षाबंधन पर श्रवण कुमार की पूजा का महत्व (Sona Puja Ka Mahatva)

कहते हैं जब अयोध्या के राजा दशरथ ने गलती से श्रवण कुमार को तीर मार दिया था। तो इस घटना से राजा दशरथ को काफी दुख हुआ था। उन्होंने अपनी गलती की क्षमा मांगते हुए स्वयं ही इस घटना के बारे में श्रवण कुमार के माता–पिता को बताया। लेकिन बेटे की मौत का समाचार सुनकर दोनों ने प्राण त्याग दिये। तब राजा दशरथ ने प्रायश्चित करने के लिए श्रावण पूर्णिमा के दिन श्रवण पूजा का प्रचार किया। कहते हैं तभी से राखी के दिन श्रवण पूजा की परंपरा शुरू हो गई।

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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