Pradosh Vrat September 2023: प्रदोष व्रत हर महीने की त्रयोदशी तिथि को पड़ता है इसलिए इसे त्रयोदशी व्रत के नाम से भी जानते हैं। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाती है। पुराणों के अनुसार इस व्रत को करने से अच्छे स्वास्ख्य और लम्बी आयु की प्राप्ति होती है। शास्त्रों के अनुसार प्रदोष व्रत हर महीने में दो बार आता है। कहते हैं जो व्यक्ति सच्चे मन से ये व्रत रखता है उसे मनचाही वस्तु की प्राप्ति होती है। यहां जानिए सितंबर प्रदोष व्रत ती डेट, मुहूर्त और महत्व।
प्रदोष व्रत 2023 सितंबर डेट और मुहूर्त (Pradosh Vrat September 2023 Date And Time)
सितंबर का पहला प्रदोष व्रत 12 तारीख, मंगलवार के दिन पड़ेगा। जो प्रदोष व्रत मंगलवार को रखे जाते हैं उनको भौम प्रदोषम कहा जाता है। प्रदोष व्रत की पूजा के लिए शाम का समय शुभ माना जाता है।
प्रदोष व्रत पूजन विधि (Pradosh Vrat Puja Vidhi)
- प्रदोष व्रत के दिन सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण कर लें।
- इसके बाद भगवान शिव के मंदिर जाकर शिवलिंग का अभिषेक करें।
- अगर मंदिर नहीं जा सकते हैं तो, आप घर पर ही भगवान शिव का अभिषेक करें।
- शिवलिंग पर जल चढ़ाते हुए भगवान शिव के पंचाक्षरी मंत्र का जाप भी करते रहें।
- इस दिन भगवान शिव को बेलपत्र अवश्य अर्पित करें।
- शाम में भगवान शिव और माता पार्वती की विधि विधान पूजा करें।
- फिर प्रदोष व्रत की कथा जरूर सुनें।
- भगवान शिव को भोग चढ़ाएं और अंत में शिव जी की आरती कर पूजा संपन्न करें।
प्रदोष व्रत का महत्व (Pradosh Vrat Significance)
प्रदोष व्रत अत्यंत शुभ और बेहद फलदायी व्रत माना जाता है। मान्यता है जो भी व्यक्ति ये व्रत रखता है उसे भगवान शिव और माता पार्वती की असीम कृपा प्राप्त होती है। साथ ही उस व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं।
