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Pradosh Vrat In April 2025: अप्रैल में प्रदोष व्रत कब पड़ रहा है, नोट कर लें सही डेट और टाइम

Pradosh Vrat In April 2025 (अप्रैल प्रदोष व्रत डेट 2025): प्रदोष व्रत हर महीने की त्रयोदशी तिथि को रखा जाता है। इस तरह से एक महीने में दो प्रदोष व्रत पड़ते हैं। जानिए अप्रैल में प्रदोष व्रत कब-कब पड़ रहे हैं।

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Pradosh Vrat In April 2025

Pradosh Vrat In April 2025 (अप्रैल प्रदोष व्रत डेट 2025): अप्रैल का महीना चल रहा है और इस महीने में दो प्रदोष व्रत पड़ेंगे। अप्रैल का पहला प्रदोष व्रत 10 तारीख को पड़ेगा तो दूसरा प्रदोष व्रत 25 तारीख को पड़ेगा। बता दें ये व्रत भगवान शिव को समर्पित होता है। कहते हैं जो कोई पूरी श्रद्धा से प्रदोष व्रत करता है उसके जीवन के सारे दुख दर्द दूर हो जाते हैं। इतना ही नहीं इस व्रत को करने से दांपत्य जीवन में भी खुशियां बनी रहती हैं। जानिए अप्रैल के पहले प्रदोष व्रत का मुहूर्त और पूजा विधि।

अप्रैल में प्रदोष व्रत कब है 2025 (Pradosh Vrat In April 2025)

अप्रैल का पहला प्रदोष व्रत 10 तारीख को है। ये गुरु प्रदोष व्रत होगा। दरअसल जो प्रदोष व्रत गुरुवार के दिन पड़ता है उसे गुरु प्रदोष व्रत के नाम से जाना जाता है।

गुरु प्रदोष व्रत मुहूर्त 2025 (Guru Pradosh Vrat Muhurat 2025)

10 अप्रैल 2025 को गुरु प्रदोष व्रत का शुभ मुहूर्त शाम 6 बजकर 44 मिनट से लेकर रात 8 बजकर 59 मिनट तक रहेगा।

प्रदोष व्रत पूजा विधि (Pradosh Vrat Puja Vidhi)

प्रदोष व्रत के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इसके बाद सूर्य देव को जल चढ़ाएं। फिर भगवान शिव को पंचामृत से अभिषेक करें। इसके बाद प्रभु को बेलपत्र, फूल, धूप, दीप समेत अन्य चीजें चढ़ाएं। प्रदोष व्रत की कथा सुनें। इसके बाद आरती करके प्रसाद सभी में बांट दें।

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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