Pradosh Vrat 2023: वैशाख के महीने में भगवान शिव (Lord Shiva) की पूजा का विशेष महत्व होता है। स्कंद और शिव पुराण में भी इसका उल्लेख है। वैशाख मास का पहला प्रदोष व्रत (Pradosh Vrat 2023) 17 अप्रैल यानी आज है। चूंकि इस दिन सोमवार (Monday) है इसलिए सोम प्रदोष का संयोग है, जिससे पुण्य फल की वृद्धि होती रहेगी। हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार प्रदोष व्रत (Pradosh Vrat) के दौरान भगवान शिव और देवी पार्वती अपने भक्तों को आशीर्वाद देने के लिए अत्यधिक शुभ और ग्रहणशील मनोदशा में माने जाते हैं। इसलिए ये दिन उन लोगों के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण माना जाता है जो भगवान शिव का आशीर्वाद चाहते हैं और अपनी समस्याओं को दूर करना चाहते हैं। ऐसे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि कैसे आप भगवान शंकर (Lord Shankar) को प्रसन्न कर सकते हैं।
प्रदोष व्रत में शिवजी को प्रसन्न करने के लिए जरूर करें ये काम:-
- प्रदोष व्रत के दिन सुबह जल्दी उठकर सबसे पहले स्नान करने के बाद तांबे के लोटे से सूर्यदेव को अर्ध्य दें।
- स्नान करने के बाद भगवान शिव, माता पार्वती और नंदी को पंचामृत और गंगाजल से स्नान कराएं।
- स्नान कराने के बाद बेल पत्र, गंध, चावल, फूल, धूप, दीप, भोग, फल, पान, सुपारी, लौंग, इलायची भगवान शंकर को चढ़ाएं।
- भगवान शिव को मौसमी फलों का भोग लगाना चाहिए।
- भगवान शंकर को घी और शक्कर मिले जौ के सत्तू का भोग लगाएं।
- आठ दीपक आठ दिशाओं में जलाएं।
- सफेद वस्त्र धारण करके भगवान शिव की पूजा करें।
- ब्रह्मचर्य का पालन करें।
- गरीबों, जरूरतमंदों या मंदिर में दान करना एक अच्छा अभ्यास माना जाता है।
प्रदोष व्रत आमतौर पर शाम को गोधूलि काल के दौरान मनाया जाता है, जो सूर्यास्त से ठीक पहले का समय होता है। भक्त विशेष पूजा अनुष्ठान करते हैं और इस दौरान भगवान शिव की पूजा करते हैं। शाम को पूजा करने के बाद व्रत तोड़ा जाता है और भक्तों में प्रसाद बांटा जाता है।
