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JMB की आतंकी साजिश मामले में NIA का बड़ा एक्शन, पश्चिम बंगाल से एक और आरोपी गिरफ्तार

प्रतिबंधित आतंकी संगठन JMB के ऑफशूट IMK की आतंकी साजिश के मामले में NIA ने पश्चिम बंगाल से एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से मोबाइल फोन और मेमोरी कार्ड समेत कई डिजिटल उपकरण बरामद किए गए हैं।

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पश्चिम बंगाल से पकड़ा गया IMK आतंकी साजिश का एक और आरोपी (प्रतीकात्मक फोटो)

Photo : iStock

प्रतिबंधित आतंकी संगठन जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश (JMB) के ऑफशूट इमाम महमूदर काफिला (IMK) की आतंकी साजिश के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी को 10 अक्टूबर को पश्चिम बंगाल से पकड़ा गया। गिरफ्तारी के दौरान उसके पास से मोबाइल फोन और मेमोरी कार्ड समेत कई डिजिटल डिवाइस भी जब्त किए गए हैं।

इस मामले में NIA की यह कार्रवाई पहले हुई गिरफ्तारियों के बाद की गई है। इससे पहले 29 सितंबर 2026 को एजेंसी ने असम, पश्चिम बंगाल और केरल में 16 ठिकानों पर छापेमारी के बाद 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। NIA ने इस मामले में 25 जून 2026 को 11 आरोपियों के खिलाफ गुवाहाटी की विशेष अदालत में चार्जशीट भी दाखिल की थी। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA), 1967 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

युवाओं को कट्टरपंथ की ओर धकेलने की साजिश

NIA की जांच में सामने आया है कि IMK के जरिए प्रतिबंधित JMB की कट्टरपंथी विचारधारा को फैलाने और भारत में उसके आतंकी नेटवर्क का विस्तार करने की साजिश रची जा रही थी। जांच एजेंसी के मुताबिक, इस साजिश का निशाना पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर भारत के राज्य थे। जांच में यह भी पता चला है कि संगठन से जुड़े लोग कमजोर और आसानी से प्रभावित होने वाले युवाओं को कट्टरपंथ की ओर धकेलने, उन्हें संगठन से जोड़ने और प्रतिबंधित विचारधारा का प्रचार करने की कोशिश कर रहे थे। NIA के मुताबिक, JMB के एक वरिष्ठ सदस्य इमाम महमूद हबीबुल्लाह ने भारत में संगठन के एजेंडे को आगे बढ़ाने के मकसद से IMK की स्थापना की थी।

गुप्त बैठकें और सोशल मीडिया का इस्तेमाल

जांच एजेंसी का आरोप है कि संगठन के सदस्य अपनी गतिविधियों को बढ़ाने के लिए गुप्त बैठकें करते थे। इसके अलावा धार्मिक कार्यक्रमों के जरिए लोगों को प्रभावित करने, कट्टरपंथी साहित्य बांटने और डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करने की भी कोशिश की जा रही थी। NIA के मुताबिक, आरोपियों ने टेलीग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल युवाओं को कट्टरपंथ की ओर आकर्षित करने और भारत विरोधी प्रचार फैलाने के लिए किया। साथ ही, संगठन के नेतृत्व के प्रति निष्ठा बढ़ाने और देश में उसके नेटवर्क को मजबूत करने की कोशिश भी की गई। फिलहाल NIA इस मामले की आगे जांच कर रही है। यह मामला RC-01/2026/NIA/GUW के तहत दर्ज है।

Anuj Mishra
अनुज मिश्राauthor

अनुज मिश्रा भारत के अग्रणी क्राइम और इन्वेस्टिगेटिव पत्रकारों में से एक हैं। वह वर्तमान में टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज़ एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। पिछले करीब दो दशकों से अनुज मिश्रा ने अपराध, आंतरिक सुरक्षा और संगठित अपराध से जुड़े मामलों की गहन रिपोर्टिंग और संपादकीय नेतृत्व किया है। उन्होंने सीबीआई, ईडी, आयकर विभाग, एनआईए और खुफिया एजेंसियों से संबंधित बड़ी और संवेदनशील खबरों को नज़दीकी से कवर किया है। अनुज मिश्रा की सबसे बड़ी ताक़त उनकी ग्राउंड रिपोर्टिंग है। हर बड़ी और अहम खबर में वह ग्राउंड ज़ीरो पर मौजूद रहकर घटनाओं की प्रत्यक्ष कवरेज करते रहे हैं। यही कारण है कि उनकी रिपोर्टिंग में जमीनी सच्चाई और तथ्य हमेशा साफ़ झलकते हैं। टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ने से पहले अनुज मिश्रा देश के कई बड़े टेलीविज़न न्यूज़ चैनलों के साथ काम कर चुके हैं, जहां उन्होंने अपनी पत्रकारिता और एडिटोरियल स्किल्स से अलग पहचान बनाई। अनुज ने न केवल देश-विदेश की बड़ी खबरों को जनता तक पहुँचाया है, बल्कि उत्तर प्रदेश की राजनीति और सत्ता गलियारों से जुड़े घटनाक्रमों पर भी पैनी नज़र रखी है। उनकी पत्रकारिता शैली तथ्यपरक, इन्वेस्टिगेटिव और जमीनी हकीकत पर आधारित मानी जाती है। उन्होंने आतंकवाद, संगठित अपराध, ड्रग्स सिंडिकेट, हाई-प्रोफाइल जांच और सियासी घटनाक्रमों पर कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स की हैं, जिन्हें राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है।

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