Parivartini Ekadashi Mantra: हिंदू पंचांग के अनुसार हर साल भाद्रपद महीने की शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को परिवर्तिनी एकादशी के नाम से जाना जाता है। सनातन धर्म में एकादशी व्रत का बहुत महत्व है। इस बार परिवर्तिनी एकादशी का व्रत 25 सितंबर 2023 यानि आज रखा जा रहा है। एकादशी का व्रत करने से साधक को पापों से मुक्ति मिलती है और उसके तमाम संकट दूर होते हैं। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। परिवर्तिनी एकादशी की जलझूलनी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि परिवर्तिनी एकादशी के दिन यज्ञ करने से वाजपेय यज्ञ करने जैसे फल की प्राप्ति होती है। इस दिन व्रत करके साधक की सारी मनोकामना पूरी होती है और उसे बैंकुठ धाम की प्राप्ति होती है। परिवर्तिनी एकादशी के दिन विष्णु जी के साथ- साथ माता लक्ष्मी की भी पूजा की जाती है। माता लक्ष्मी की पूजा करने से साधक के जीवन में कभी भी धन की कोई कमी नहीं रहती है। आइए जानते हैं परिवर्तिनी एकादशी के दिन विष्णु जी के किन खास मंत्रों का जाप करना चाहिए।
इन मंत्रों का करें जाप (Parivartini Ekadashi Mantra)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे।
हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे।।
श्री कृष्ण गोविंद हरे मुरारी, हे नाथ नारायण वासुदेवा।
ओम नमो नारायणा।
ऊं नारायणाय विद्महे। वासुदेवाय धीमहि। तन्नो विष्णु प्रचोदयात्।।
शांताकारं भुजङ्ग शयनम पद्म नाभं सुरेशम।
विश्वाधारं गगनसद्र्श्यं मेघवर्णम शुभांगम।
लक्ष्मीकान्तं कमल नयनम योगिभिर्ध्यान नग्म्य्म।
वन्दे विष्णुं भवभयहरं सर्व लोकेकनाथम।।
श्री विष्णु मूल मंत्र
ॐ नमोः नारायणाय॥
श्री विष्णु भगवते वासुदेवाय मंत्र
ॐ नमोः भगवते वासुदेवाय॥
श्री विष्णु गायत्री मंत्र
ॐ श्री विष्णवे च विद्महे वासुदेवाय धीमहि।
तन्नो विष्णुः प्रचोदयात्॥
