30 May 2025 Panchang (आज का पंचांग 30 मई 2025): आज ज्येष्ठ माह चतुर्थी है। आज के दिन भगवान विष्णु तो माता लक्ष्मी के पूजन का महत्व होता है। आज विष्णु जी को तुलसी दल अर्पित करें। ज्येष्ठ माह में जल भरा घड़ा व फलों का दान करना बहुत फलित होता है । मन का निर्मल व सात्विक होना बहुत ही आवश्यक है। घर की छत पर विहंगों को दाना -पानी दें। गौ शाला जाएं, वहां गौ माता को रोटी, गुड़, चारा ,पालक इत्यादि खिलाने से अखण्ड पुण्य की प्राप्ति होती है। श्री विष्णुसहस्रनाम व श्री सूक्त का पाठ करने से सभी कष्ट समाप्त होते हैं। आज शुक्र के बीज मंत्र का जप करें। एकदम नियम पूर्वक पूजा पाठ करें।आज मीठा , गुड़ , फल व जल का दान - पुण्य अनन्त गुना फ़लदायी होता है। आज व्रत भी रख सकते हैं। बालक, वृद्ध व रोगी व्रत से बचें व केवल पूजा पाठ करें। माता - पिता का आशीर्वाद लें। श्री कनकधारास्तोत्र का पाठ करना बेहतर है। गौ माता को रोटी व गुड़ खिलाएं। मन की निर्मलता व हृदय में भक्ति भाव रखते हुए भगवान विष्णु नाम का संकीर्तन करें। श्री विष्णुसहस्त्रनाम का पाठ करने से भगवान विष्णु जी की अविरल भक्ति प्राप्त होती है। शुक्र प्रेम का कारक ग्रह है। प्रेम में सफलता के लिए गंगा जल में इत्र डालकर भगवान शिवलिंग को अर्पित करें। विवाहित लोग जीवन संगिनी के साथ खुशी खुशी रहकर मन्दिर जाएं व भगवान विष्णु का दर्शन करके उनके विग्रह की 04 परिक्रमा करें। पत्नी को स्वर्ण व हीरे के आभूषण उपहार में दे सकते हैं।
पंचांग 30 मई 2025
संवत - विक्रम संवत 2082 माह - ज्येष्ठ, शुक्ल पक्ष
तिथि - चतुर्थी
पर्व- वैभव लक्ष्मी व्रत
दिवस - शुक्रवार, सूर्योदय- 05:09 am, सूर्यास्त - 7:08pm
नक्षत्र - पुनर्वसु
चन्द्र राशि - मिथुन,स्वामी ग्रह - बुध
सूर्य राशि - वृष
करण - गरज
योग - गण्ड
30 मई 2025 के शुभ मुहूर्त
अभिजीत - 11:53am से 12:46 pm तक
विजय मुहूर्त - 02:23pm से 03:25pm तक
गोधुली मुहूर्त - 06:23pm से 07:23pm तक
ब्रम्ह मुहूर्त - 4:08Am से 05:06 am तक
अमृत काल - 06:07am से 07:42 am तक
निशीथ काल मुहूर्त - रात्रि 11:40 से 12:25 तक रात
संध्या पूजन-06:21pm से 07:09pm तक
दिशा शूल - पश्चिम दिशा।इस दिशा में यात्रा से बचें। दिशाशूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं, यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें।
अशुभ मुहूर्त - राहुकाल - 10:30 बजे प्रातः काल से दोपहर 12 बजे तक
क्या न करें - शुक्र प्रेम का कारक ग्रह है।प्रेम में कहीं से भी अविश्वास व असत्य का स्थान न हो
