Padmini Ekadashi 2026 Puja Samagri List : अधिकमास की शुक्ल पक्ष की एकादशी को पद्मिनी एकादशी कहा जाता है। इसे कमला एकादशी भी कहा जाता है। साल 2026 में यह व्रत 27 मई, बुधवार को रखा जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करने से धन, सुख, समृद्धि और मोक्ष की प्राप्ति होती है। पद्मिनी एकादशी का व्रत विधि-विधान से करने के लिए पूजा सामग्री पहले से तैयार रखना बहुत जरूरी माना जाता है। आइए जानते हैं पद्मिनी एकादशी पूजा सामग्री की पूरी लिस्ट क्या है।
पद्मिनी एकादशी पूजा में किन देवी-देवताओं की पूजा होती है
इस दिन मुख्य रूप से भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी और तुलसी जी की पूजा की जाती है। अधिकमास भगवान विष्णु को समर्पित माना जाता है, इसलिए इस एकादशी का महत्व कई गुना बढ़ जाता है।
पद्मिनी एकादशी पूजा सामग्री लिस्ट
पूजा के लिए भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की मूर्ति या तस्वीर रखें। पूजा करने के लिए लकड़ी की चौकी लें और उस पर पीला या लाल कपड़ा बिछाएं। कलश स्थापना के लिए तांबे या मिट्टी का कलश रखें। कलश पर आम या अशोक के पत्ते और ऊपर नारियल स्थापित किया जाता है।
पूजन की मुख्य सामग्री
पूजा में रोली, कुमकुम, हल्दी और अक्षत की जरूरत पड़ती है। इसके साथ जनेऊ, धूप, अगरबत्ती, कपूर और घी का दीपक भी रखें। दीपक जलाने के लिए रुई की बत्ती और शुद्ध घी का उपयोग करना शुभ माना जाता है।
पंचामृत और भोग सामग्री
भगवान विष्णु को पंचामृत अर्पित किया जाता है। पंचामृत बनाने के लिए दूध, दही, शहद, गंगाजल और चीनी या मिश्री का उपयोग किया जाता है। भोग में केला, आम जैसे पीले फल चढ़ाना शुभ माना जाता है। इसके अलावा मखाने की खीर, केसरिया पेड़ा, गुड़ और मिठाई भी अर्पित की जा सकती है।
तुलसी और फूल का महत्व
भगवान विष्णु की पूजा तुलसी दल के बिना अधूरी मानी जाती है। इसलिए पूजा में तुलसी के पत्ते जरूर रखें। इसके साथ पीले रंग के फूल जैसे गेंदा या कमल का फूल अर्पित करना बेहद शुभ माना जाता है।
अन्य जरूरी सामग्री
पूजा में आचमन के लिए स्वच्छ जल से भरा पात्र रखें। कथा सुनते समय हाथ में फूल और अक्षत रखना शुभ माना जाता है। इसके अलावा पान, सुपारी, लौंग और दक्षिणा भी पूजा में रखी जाती है। पूजा के बाद जरूरतमंदों को दान देना अत्यंत पुण्यदायी माना गया है।
पद्मिनी एकादशी पर जरूरी हैं पीली चीजें
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान विष्णु को पीला रंग अत्यंत प्रिय है, इसलिए इस दिन पीले वस्त्र पहनना, पीले फूल चढ़ाना और पीले फल अर्पित करना शुभ माना जाता है। इससे भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है। एकादशी के दिन सुबह स्नान करके व्रत का संकल्प लें। पूजा स्थान को गंगाजल से शुद्ध करें। पूजा के दौरान सात्विकता का विशेष ध्यान रखें और लहसुन-प्याज व तामसिक भोजन से दूर रहें।
