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Nag Panchami Ke Gana: नाग पंचमी के दिन सुनें नाग देवता के ये भजन और गाने

Nag Panchami Ke Gane (नाग पंचमी का गाना): आज श्रावण शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि है इस दिन नाग पंचमी का त्योहार मनाते हैं। ये पर्व भारत में बड़ी ही धूमधाम से मनाया जाता है। इस मौके पर खूब भजन और गीत भी सुने जाते हैं। इसलिए हम आपके लिए लेकर आए हैं नाग पंचमी स्पेशल भजन और गाने।

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Nag Panchami Ke Gane

Nag Panchami Ke Gane (नाग पंचमी के भजन): नाग पंचमी का पर्व सनातन धर्म के प्रमुख त्योहारों में आता है। इस दिन भगवान शिव के प्रिय नागों की पूजा होती है। इसलिए इस दिन शिव मंदिरों में एक अलग ही रौनक देखने को मिलती है। ये पर्व भारत ही नहीं बल्कि नेपाल और हिंदू आबादी वाले अन्य एशियाई देशों में भी मनाया जाता है। इस दिन शिवभक्त शिवलिंग पर जल और दूध चढ़ाते हैं। क्योंकि इस दिन नाग देवता की भगवान शिव के आभूषण के रूप में पूजा करना ज्यादा शुभ माना जाता है। इस मौके पर लोग भजन और गाने भी खूब सुनते हैं। यहां देखिए नाग पंचमी के सदाबहार गाने।

Nag Panchami Ke Gane (नाग पंचमी के गाने)

नाग देवता त्राहि माम्

विष्णु को शय्या पे सुलाने वाले ,

शंकर के गले को सजाने वाले।

नाग देवता त्राहि माम् त्राहि माम् ,

नाग देवता त्राहि माम् त्राहि माम्।

कोमल कोमल अंग तिहारा ,

श्याम वरण तेरा लागे प्यारा।

झिलमिल झिलमिल चाल तुम्हारी,

जैसे जमना जल की धारा।

शेष हजार फनो वाले ,

भगतो की लाज बचाने वाले।

विष्णु को शय्या पे सुलाने वाले ,

शंकर के गले को सजाने वाले।

नाग देवता त्राहि माम् त्राहि माम्।

सोवे बालक रोवे माता ,

ये कैसा अन्याय विधाता।

ये बालक है तुम पालक हो ,

प्राणदान दो, जीवनदान दाता।

शेष हजार फनो वाले ,

भगतो की लाज बचाने वाले।

विष्णु को शय्या पे सुलाने वाले ,

शंकर के गले को सजाने वाले।

नाग देवता त्राहि माम् त्राहि माम्।

Nag Panchami Bhajan (नाग पंचमी के भजन)

Nag Panchami Mahatva (नाग पंचमी का महत्व)

नाग पंचमी का त्योहार नागों की पूजा के लिए समर्पित है। दरअसल, सनातन धर्म में नाग को देवता माना गया है जिनके सम्मान में ही नाग पंचमी का त्योहार मनाया जाता है। इस दिन अनन्त, वासुकी, पद्म, महापद्म, तक्षक, कुलीक, कर्कट और शंख आदि नागों की पूजा की जाती है।

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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