अध्यात्म

Nag Panchami Vrat Vidhi: नाग पंचमी का उपवास कैसे करें, यहां जानिए पूरी विधि विस्तार से

Nag Panchami Upvas Vidhi (नाग पंचमी व्रत विधि): नाग पंचमी के दिन नाग देवता की पूजा की जाती है। तो वहीं कई लोग इस दिन व्रत भी रखते हैं। ये व्रत परिवार की खुशहाली के लिए रखा जाता है। जानिए नाग पंचमी का व्रत कैसे रखते हैं।

Image

Nag Panchami Vrat Vidhi, Nag Panchami Upvas Kesa Karava

Nag Panchami Vrat Vidhi In Hindi (नाग पंचमी व्रत विधि): नाग पंचमी का त्योहार नाग देवता के सम्मान के लिए मनाया जाता है। कहते हैं इस दिन नागों की प्रतिमा का दूध से अभिषेक करने से भक्तों की सारी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं। इतना ही नहीं इस दिन नाग पूजा करने से राहु-केतु के दोषों से भी छुटकारा मिल जाता है। इस दिन महिलाएं परिवार की सुरक्षा और खुशहाली के लिए व्रत भी रखती हैं। यहां जानिए नाग पंचमी व्रत की विधि।

नाग पंचमी उपवास विधि (Nag Panchami Upvas Vidhi)

  • नाग पंचमी का व्रत रख रहे हैं तो चतुर्थी तिथि पर एक समय ही भोजन करें।
  • फिर नाग पंचमी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान कर साफ वस्त्र धारण करें।
  • इसके बाद पूजा कर व्रत का संकल्प लें।
  • नाग पंचमी व्रत में शाम तक अन्न का सेवन नहीं किया जाता।
  • शुभ मुहूर्त में नाग देवता की पूजा करें।
  • अगर घर के पास नाग देवता का मंदिर हो तो वहां जाकर नाग देवता की मूर्ति पर दूध चढ़ाएं।
  • इसके बाद शाम में अन्न खाकर भोजन खोल लें।

नाग पंचमी की पूजा कैसे करें (Nag Panchami Ki Puja Kaise Kare)

  • नाग पंचमी के दिन नाग चित्र या मिट्टी की सर्प मूर्ति को लकड़ी की चौकी पर रखें।
  • इसके बाद हल्दी, रोली, चावल और फूल चढ़ाकर नाग देवती की पूजा करें।
  • फिर मूर्ति पर कच्चा दूध, चीनी और घी मिलाकर चढ़ाएं।
  • इसके बाद सर्प देवता की आरती करें।
  • इसके बाद नाग पंचमी की कथा सुनें।

नाग पंचमी का महत्व (Nag Panchami Ka Mahatva)

कहते हैं नाग पंचमी के दिन नागों की पूजा करने से व्यक्ति को सांप के डसने का भय नहीं रहता। इस दिन सर्पों को दूध से स्नान कराने और दूध पिलाने से अक्षय-पुण्य की प्राप्ति होती है। इस दिन घर के प्रवेश द्वार पर नाग देवता का चित्र बनाने की भी परंपरा है।

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

और पढ़ें
End of Article