अध्यात्म

जया किशोरी के इन भजनों से करें दिन की शुरुआत, नकारात्मक विचारों से रहेंगे दूर

Morning Bhajan Jaya Kishori: कथावाचक और मोटिवेशनल स्पीकर जया किशोरी ने कई सुपरहिट भजन गाए हैं। जिन्हें सुनकर आपका भी मन भक्ति-भाव से ओत-प्रोत हो जाएगा। सुबह-सुबह ये भजन सुनने से आपकी मानसिक शांति मिलेगी।

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जया किशोरी के भजन

Morning Bhajan Jaya Kishori: सनातन धर्म में कई लोग अपने दिन की शुरुआत भजन सुनकर करते हैं। भजन सुनने से मन को शांति तो मिलती ही है साथ ही पूरा दिन सकारात्मक बना रहता है। आज हम आपको यहां जया किशोरी के कुछ लोकप्रिय भजनों के बारे में बताएंगे जिसे सुनने से आपका मन भक्ति भाव से भर जाएगा। जया किशोरी के इन भजनों को करोड़ों में व्यूज मिले हैं।

जया किशोरी के भजन (Jaya Kishori Ke Bhajan)

मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है

काली कमली वाला मेरा यार है

हम तुम्हारे हैं प्रभु जी

एक नजर कृपा की कर दो लाडली श्री राधे

जगत के रंग क्या देखूं

कौन हैं जया किशोरी

जया किशोरी एक प्रसिद्ध भारतीय आध्यात्मिक प्रवक्ता, भजन गायिका और मोटिवेशनल स्पीकर हैं, जिन्हें 'आधुनिक युग की मीरा' के नाम से भी जाना जाता है।

उनका असली नाम जया शर्मा है। बचपन में ही उनका झुकाव आध्यात्मिकता की ओर हो गया था, और वे श्रीकृष्ण की भक्त बन गईं। जया किशोरी ने मात्र 7 वर्ष की आयु में आध्यात्मिक प्रवचन देना शुरू किया। 9 वर्ष की उम्र तक उन्होंने कई स्तोत्र जैसे रामाष्टकम, लिंगाष्टकम, शिव तांडव स्तोत्र आदि कंठस्थ कर लिए थे। उनके गुरु गोविंद राम मिश्रा ने उन्हें 'किशोरी' की उपाधि दी, जो उनके नाम का हिस्सा बन गया। वे विशेष रूप से 'श्रीमद्भागवत कथा' और 'नानी बाई रो मायरो' जैसी कथाओं के लिए जानी जाती हैं। उनके कुछ प्रसिद्ध भजनों में 'अच्युतम केशवम', 'श्याम तेरी बंसी', 'मैय्या मोरी मैं नहीं माखन खायो' और 'मीरा के प्रभु गिरिधर नागर' शामिल हैं।

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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