Moonrise Time Today (आज चांद कितने बजे दिखेगा): आज 5 मई को एकदंत संकष्ठी चतुर्थी का व्रत रखा गया है। एकदंत संकष्टी चतुर्थी का व्रत भगवान गणेश को समर्पित बेहद महत्वपूर्ण व्रत माना जाता है। इस दिन व्रत रखने वाले श्रद्धालु पूरे दिन उपवास रखते हैं और रात में चंद्रमा के दर्शन के बाद ही व्रत का पारण करते हैं। यही कारण है कि इस व्रत में चंद्रोदय का समय सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाता है।
5 मई 2026 को पड़ रही संकष्टी चतुर्थी के दिन चंद्रमा का उदय रात में होगा और इसी के बाद व्रत खोला जाएगा। भारत के अलग-अलग शहरों में चंद्रोदय के समय में कुछ मिनटों का अंतर देखने को मिलता है, क्योंकि हर स्थान की भौगोलिक स्थिति अलग होती है। इस कारण सही समय जानना जरूरी हो जाता है, ताकि व्रत का पारण सही विधि से किया जा सके।
देश के प्रमुख शहरों में 5 मई को कितने बजे दिखेगा चांद
नीचे दिए गए चार्ट में देश के प्रमुख शहरों के अनुसार चंद्रमा निकलने का अनुमानित समय बताया गया है। ये समय पंचांग आधारित हैं और इनमें 5-10 मिनट का अंतर संभव है। द्रिक पंचांग के अनुसार आज चंद्रोदय 10 बजकर 35 मिनट पर होगा।
| शहर | चांद दिखने का समय (रात) |
|---|---|
| दिल्ली | 10:35 बजे |
| नोएडा | 10:34 बजे |
| गाजियाबाद | 10:34 बजे |
| लखनऊ | 10:32 बजे |
| कानपुर | 10:31 बजे |
| वाराणसी | 10:28 बजे |
| प्रयागराज | 10:30 बजे |
| पटना | 10:25 बजे |
| गया | 10:23 बजे |
| भोपाल | 10:34 बजे |
| इंदौर | 10:35 बजे |
| जयपुर | 10:38 बजे |
| उदयपुर | 10:40 बजे |
| चंडीगढ़ | 10:37 बजे |
| अमृतसर | 10:40 बजे |
| मुंबई | 10:22 बजे |
| पुणे | 10:24 बजे |
| अहमदाबाद | 10:35 बजे |
| सूरत | 10:33 बजे |
| राजकोट | 10:36 बजे |
| कोलकाता | 10:18 बजे |
| रांची | 10:21 बजे |
| भुवनेश्वर | 10:20 बजे |
| हैदराबाद | 10:26 बजे |
| बेंगलुरु | 10:30 बजे |
| चेन्नई | 10:24 बजे |
| कोच्चि | 10:28 बजे |
| तिरुवनंतपुरम | 10:29 बजे |
इस तरह देखा जाए तो आज पूरे भारत में चंद्रमा लगभग रात 10:18 बजे से लेकर 10:40 बजे के बीच दिखाई देगा। पूर्वी भारत में चांद जल्दी नजर आएगा, जबकि पश्चिम और उत्तर भारत में थोड़ा देर से दिखेगा।
चंद्र दर्शन के बाद व्रत पारण की सही विधि
संकष्टी चतुर्थी का व्रत तभी पूर्ण माना जाता है जब चंद्रमा के दर्शन के बाद विधि-विधान से पारण किया जाए। आज चंद्र दर्शन के बाद यानी लगभग रात 10:30 बजे के बाद व्रत खोलना शुभ रहेगा। पारण करते समय सबसे पहले चंद्रमा को अर्घ्य देना चाहिए। अर्घ्य में जल, दूध और अक्षत मिलाकर चंद्रमा को अर्पित करें। इसके बाद भगवान गणेश का ध्यान करें और उनसे अपने व्रत की सफलता व मनोकामना पूर्ति की प्रार्थना करें।
ध्यान रखें कि बिना चंद्र दर्शन के व्रत खोलना उचित नहीं माना जाता है। अगर मौसम खराब होने की वजह से चंद्रमा दिखाई न दे, तो पंचांग के समय के अनुसार ही अर्घ्य देकर व्रत का पारण किया जा सकता है। इस तरह सही समय और विधि का पालन करके किया गया संकष्टी चतुर्थी व्रत जीवन में सुख, समृद्धि और विघ्नों से मुक्ति दिलाने वाला माना जाता है।
डिसक्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।
