Baatein Dil Se: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने टाइम्स नाउ के खास पॉडकास्ट में महिलाओं के खिलाफ हाल ही में हुई आपराधिक घटनाओं, प्रदूषण, यमुना सफाई, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के मुद्दे पर खुलकर बात की और खुद को 'फायर ब्रांड' बताया।
टाइम्स ग्रुप की एडिटर-इन-चीफ नाविका कुमार के साथ बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के खिलाफ जघन्य अपराध करने वालों के लिए कानून और सख्त होना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे अपराधियों को सरेआम चौक पर फांसी देने जैसे कड़े प्रावधान होने चाहिए।
रेखा गुप्ता ने कहा, ''इस शहर में घटने वाली हर दुर्घटना हम सभी के लिए दुखदायी है और उससे हर एक व्यक्ति आहत होता है... जब ऐसी कोई भी घटना घटित होती है तो तकलीफ हमें भी होती है, कोई नहीं चाहता कि ऐसी घटना न हो और प्रयास किए जाते हैं कि 100 फीसदी चीजें ठीक चलें और कोई भी दुर्घटना न हो।''
मुख्यमंत्री की यह टिप्पणी दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंताओं के बीच आई है। हाल के दिनों में कालकाजी इलाके के आस्था कुंज पार्क में 17 वर्षीय लड़की के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म और कश्मीरी गेट में चलती बस में नाबालिग से कथित दुष्कर्म के मामलों ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं।
कालकाजी मंदिर के पास आस्था कुंज पार्क में 21 सितंबर को 17 वर्षीय लड़की के साथ तीन लोगों द्वारा कथित सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया था। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर लड़की और उसके पुरुष मित्र को रोका और बाद में लड़की को पार्क के सुनसान हिस्से में ले गए। मामले में तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
Navika Kumar_Rekha Gupta.
इस घटना के बाद आसपास के इलाके में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी। लेडी श्रीराम कॉलेज फॉर वुमन ने भी एहतियात के तौर पर कक्षाएं ऑनलाइन करने का फैसला किया था। छात्रों ने आसपास के अंधेरे इलाकों, स्ट्रीट लाइट और पुलिस गश्त को लेकर सवाल उठाए।
'सेंसर-लिंक्ड स्ट्रीट लाइट लगना शुरू'
मुख्यमंत्री ने कहा कि पार्कों में किसी भी जगह पर अंधेरा नहीं होना चाहिए। इसको लेकर निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार के कार्यकाल में एक लाख सेंसर-लिंक्ड स्ट्रीट लाइट के टेंडर दिए गए, जिनमें खराबी आने पर कंट्रोल रूम को अलर्ट मिलने की व्यवस्था है। ऐसी लाइटें लगना अब शुरू हो चुकी हैं।
उन्होंने कहा कि मैं ऐसे मामलों का खुद फॉलोअप लेती हूं। मैं दिल्ली की जनता और बेटियों से यह कहना चाहती हूं कि ऐसे मामले न हो, उसके लिए हमारी 100 फीसदी कोशिश रहेगी।
कश्मीरी गेट बस गैंगरेप
मुख्यमंत्री ने कश्मीरी गेट बस गैंगरेप मामले में भी प्रशासनिक स्तर पर हुई चूकों को स्वीकार किया। पुलिस के अनुसार, 4 अगस्त को ग्रेटर नोएडा के परी चौक से एक 17 वर्षीय लड़की ने स्लीपर बस में सफर किया था और आरोप है कि रास्ते में उसके साथ दुष्कर्म किया गया। बस करीब 47 किलोमीटर का सफर तय कर कश्मीरी गेट पहुंची, लेकिन इस दौरान किसी पुलिस चेक पॉइंट पर उसकी जांच नहीं हुई।
जांच में बस के खिलाफ 11 ट्रैफिक चालान होने, सीसीटीवी के काम नहीं करने और खिड़कियों पर भारी पर्दे लगे होने जैसी खामियां सामने आईं। पुलिस के मुताबिक, बस के ड्राइवर और कंडक्टर की नियुक्ति भी बिना पुलिस वेरिफिकेशन के की गई थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले में जांच और निगरानी में चूक हुई और जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। उन्होंने निजी, सरकारी और स्कूल बसों में ड्राइवर तथा कंडक्टर के पुलिस वेरिफिकेशन को जरूरी बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सभी का पुलिस वेरिफिकेशन जरूरी है और आगे सख्ती से इसका पालन किया जाएगा।
'कानून को सख्त करने की जरूरत'
2012 के निर्भया कांड का जिक्र करते हुए रेखा गुप्ता ने कहा कि लड़कियों को कॉलेज जाने या घर से बाहर निकलने से नहीं रोका जा सकता। इस दौरान, उन्होंने कहा कि समाज को लड़कों और पुरुषों को महिलाओं का सम्मान करना सिखाने पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा, ''हमें कानून और सख्त करने पड़ेंगे ताकि किसी भी अपराधी को सजा मिलने में देरी न हो।''
Rekha Gupta
मुख्यमंत्री ने कहा, ''कानून बनाने वालों को अपराध की गंभीरता के आधार पर सजा के प्रावधानों को और कठोर बनाने पर विचार करना चाहिए। हमें ऐसे प्रावधान भी बनाने चाहिए कि सरेआम चौक पर ऐसे अपराध करने वालों को फांसी दी जा सके...।''
इस दौरान, उन्होंने पुलिस और प्रशासन की व्यवस्था में किसी भी तरह की चूक की गुंजाइश नहीं होने की बात कही और ऐसे अपराधों के खिलाफ और सख्त कानूनी प्रावधानों की वकालत की।
सत्य निकेतन हादसे पर क्या बोलीं CM रेखा
जेन जी आंदोलन और सत्य निकेतन हादसे पर उन्होंने कहा कि दिल्ली एक दिन में ऐसी नहीं बस गई, बल्कि सालों में बसी है। तब कौन सरकारों में, नगर निगम में था। नाविका कुमार के साथ बातचीत में मुख्यमंत्री ने यह स्वीकार किया कि दिल्ली में सत्य निकेतन जैसी हजारों इमारतें हैं। उन्होंने कहा कि इस हादसे के बाद हमने 850 इमारतें ढहा दी। इमारतों के मालिकों को भी स्ट्रक्चर की सुरक्षा की चिंता होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि दिल्ली में पीजी को लेकर एक नई नीति लाने की योजना बनाई है और इसके लिए एक कमेटी भी गठित की गई है, ताकि एक भी पीजी बिना रजिस्ट्रेशन या फायर सेफ्टी के न चल सके। हर छात्र की सुरक्षा को लेकर हम चिंतित हैं और भविष्य में ऐसी दुर्घटना न हो, इसको लेकर सरकार सख्त है।
