Mithun Sankranti 2023 Date And Muhurat: जब सूर्य देव मिथुन राशि में प्रवेश करते हैं तो उस दिन मिथुन संक्रांति मनाई जाती है। इस साल ये संक्रांति 15 जून को पड़ रही है। मिथुन संक्रांति के दिन सूर्य देव की पूजा का विधान है। साथ ही इस संक्रांति पर सिलबट्टे को भूदेवी के रूप में पूजा जाता है। ये दिन पूर्वजों को श्रद्धांजलि देने के लिए भी उत्तम माना जाता है। इस दिन व्रत रखने को दान-पुण्य के कार्य करने का विशेष महत्व होता है। इस पर्व को विशेषकर भारत के पूर्वी राज्यों में मनाया जाता है। जहां लोग अच्छी बारिश के लिए भगवान सूर्य से प्रार्थना करते हैं। जानिए मिथुन संक्रांति पूजा का शुभ मुहूर्त।
मिथुन संक्रांति 2023 मुहूर्त (Mithun Sankranti 2023 Muhurat)
| मिथुन संक्रान्ति | 15 जून 2023, गुरुवार |
| मिथुन संक्रान्ति पुण्य काल | 11:37 AM से 06:22 PM |
| अवधि | 06 घण्टे 45 मिनट |
| मिथुन संक्रान्ति महा पुण्य काल | 04:07 PM से 06:22 PM |
| अवधि | 02 घण्टे 15 मिनट |
| मिथुन संक्रान्ति का क्षण | 06:29 PM |
मिथुन संक्रांति की पूजा-विधि (Mithun Sankranti Puja Vidhi)
- मिथुन संक्रांति के दिन सूर्योदय से पूर्व उठकर स्नान-कर्म कर लें।
- इसके बाद साफ वस्त्र धारण करें और एक तांबे के पात्र में जल भरकर उसमें लाल रोली, थोड़े से लाल फूल मिला लें।
- फिर उगते हुए सूर्य को नमस्कार करें और उन्हें धूप-दीप दिखाकर उनका सच्चे मन से पूजन करें।
- फिर सूर्य देव को “ॐ घृणि सूर्याय नम:” मंत्र का जप करते हुए जल चढ़ाएं।
- सूर्य को अर्घ्य देने के बाद पूर्व दिशा की तरफ मुख करके लाल रंग के आसन पर बैठें।
- फिर सूय भगवान के बीज मंत्र “ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः” का कम से कम सात हजार बार जप करें।
मिथुन संक्रांति के उपाय (Mithun Sankranti 2023 Upay)
मिथुन संक्रांति के दिन उगते हुए सूर्य के दर्शन जरूर करें। इस दिन सूर्यदेव के किसी मंदिर में जाकर दान-पुण्य करें। जरूरतमंदों को दान में हरे रंग की वस्तुएं दें। इस दिन पालक, मूंग की दाल, हरे रंग के कपड़े और महिलाओं को चूड़ियों का दान करना शुभ माना जाता है। इतना ही नहीं इस दिन व्रत रखने का भी अपना खास महत्व होता है। इससे जीवन की कई परेशानियों का अंत हो जाता है।
