आज साल की पहली अमावस्या पर क्या दान करना चाहिए, मौनी अमावस्या दान सामग्री लिस्ट, अमावस्या पर क्या दान करें
- Authored by: Mohit Tiwari
- Updated Jan 18, 2026, 06:28 AM IST
mauni amavasya par kya daan karna chahiye (अमावस्या पर क्या दान करें): मौनी अमावस्या हिंदू धर्म में दान-पुण्य और आत्मशुद्धि का विशेष पर्व माना जाता है। वर्ष 2026 में मौनी अमावस्या 18 जनवरी को पड़ रही है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन पवित्र नदी में स्नान, मौन व्रत और दान करने से पापों का क्षय होता है और पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है। शास्त्रों के अनुसार मौनी अमावस्या पर किया गया दान कई गुना फल देता है, इसलिए इस दिन सामर्थ्य के अनुसार दान अवश्य करना चाहिए। आइए जानते हैं कि इस दिन किन चीजों का दान कर सकते हैं।
मौनी अमावस्या पर क्या दान करें
mauni amavasya par kya daan karna chahiye (अमावस्या पर क्या दान करें): माघ माह की अमावस्या तिथि को मौनी अमावस्या के नाम से जाना जाता है। साल 2026 की पहली अमावस्या मौनी अमावस्या है। माना जाता है कि इस दिन दिए गए दान का फल कई गुना मिलता है। इस साल 2026 में मौनी अमावस्या 18 जनवरी को पड़ रही है। इस दिन पवित्र नदी में स्नान, मौन व्रत रखना चाहिए। माघ मास की यह अमावस्या साल की सभी अमावस्याओं में विशेष स्थान रखती है। इस दिन मौन रहकर मन पर नियंत्रण करना, पितरों का तर्पण करना और दान-पुण्य करना अत्यंत फलदायी माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार इस दिन किया गया दान कई गुना फल देता है, पितृ दोष दूर होता है और जीवन में सुख-शांति, स्वास्थ्य तथा धन की प्राप्ति होती है।
मौनी अमावस्या पर दान केवल किसी वस्तु को देने तक सीमित नहीं होता, बल्कि यह मन, वाणी और कर्म की शुद्धि से जुड़ा होता है। इस दिन मौन धारण कर दान करने से आत्मिक शांति मिलती है और जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं। माना जाता है कि इस दिन किया गया दान पितृ दोष को शांत करता है और जीवन में सुख-समृद्धि का मार्ग खोलता है। आइए जानते हैं कि मौनी अमावस्या पर किन चीजों का दान करना चाहिए।
तिल और तेल का दान
काले तिल, तिल का तेल या सरसों का तेल दान करना इस दिन सबसे ज्यादा प्रचलित है। तिल पितरों को प्रिय है और तेल दान से ग्रह दोष दूर होते हैं तथा दीर्घायु मिलती है।
जल और कलश का दान
जल जीवन का मूल है। मौनी अमावस्या पर कलश में जल भरकर या पानी की बोतलें दान करना बहुत शुभ होता है। इससे जीवन में शांति, मानसिक स्थिरता और पितरों की कृपा प्राप्त होती है।
तांबे का बर्तन या सिक्का दान
तांबे का लोटा, कलश या तांबे के सिक्के दान करना ग्रहों की स्थिति सुधारता है। यह करियर, व्यापार और पारिवारिक सुख में वृद्धि करता है।
दीपदान और सेवा का दान
मंदिर या नदी में 5, 7 या 11 दीपक जलाकर दान करना अंधकार दूर करता है। इसके साथ ही मंदिर में सफाई, वृद्धाश्रम या अनाथालय में सेवा करना भी दान का रूप है और सबसे ऊंचा पुण्य माना जाता है। मौनी अमावस्या पर ये दान सच्ची श्रद्धा, मौन और सेवा भाव से करें। इससे पितरों की कृपा मिलती है, ग्रह शांति होती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इस पावन दिन मौन रहकर दान-पुण्य करें और पितरों को याद रखें।
अन्न और भोजन का दान
अन्न दान को सबसे बड़ा दान कहा गया है। इस दिन चावल, गेहूं, दाल, आटा, गुड़-चावल की खिचड़ी या तैयार भोजन (जैसे पूरी-सब्जी) का दान करना विशेष पुण्यदायी है। मान्यता है कि अन्न दान से पितरों का आशीर्वाद मिलता है और वंश में कभी अन्न की कमी नहीं होती है।
घी और दूध का दान
घी का दान रिश्तों में मिठास लाता है और दूध का दान पितरों को विशेष प्रसन्न करता है। ये दोनों दान स्वास्थ्य और समृद्धि बढ़ाते हैं।
गर्म वस्त्र और कंबल का दान
सर्दियों में कंबल, चादर, स्वेटर या गर्म कपड़े दान करना विशेष लाभकारी है। जरूरतमंदों को ये चीजें देने से पितर प्रसन्न होते हैं और व्यक्ति के जीवन में शांति बनी रहती है।
धन या सिक्कों का दान
अपनी सामर्थ्य अनुसार नकद, सिक्के या छोटी रकम दान करना मानसिक शांति और लक्ष्मी कृपा लाता है। मौनी अमावस्या पर धन दान से आर्थिक तंगी दूर होती है।
गाय से जुड़ा दान (गौ-दान या गौ-सेवा)
यदि संभव हो तो गाय को चारा, गुड़, हरा चारा या दान देना अत्यंत पुण्यदायी है। गौ-दान जीवन में शुभ फल और आध्यात्मिक उन्नति देता है। इसके साथ ही अगर सामर्थ्य हो तो किसी को गाय भी दान कर सकते हैं।
डिसक्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।