अध्यात्म

14 या 15 मार्च, मार्च 2026 में खरमास कब से लग रहा है, जानें खरमास में क्या करना चाहिए और क्या नहीं

  • Authored by: Srishti
  • Updated Mar 11, 2026, 01:09 PM IST

March 2026 Me Kharmas Kab Lagega (मार्च 2026 में खरमास कब से लग रहा है): खरमास में कोई भी शुभ काम नहीं किया जाता है। शादी-विवाह से लेकर घर खरीदने तक पर रोक लग जाती है। ऐसे में मार्च के महीने में खरमास किस दिन से शुरू हो रहा है, ये आपको यहां से जान लेना चाहिए।

Image

मार्च 2026 में खरमास कब से शुरू है (pc: pinterest)

March 2026 Me Kharmas Kab Lagega (मार्च 2026 में खरमास कब से लग रहा है): हिंदूपंचांग के अनुसार एक साल में दो बार खरमास लगता ही है। पहला खरमास धनु संक्रांति पर तो दूसरी बार मीन संक्रांति पर। धनु संक्रांति वाला खरमास दिसंबर-जनवरी में लगता है तो वहीं मीन संक्रांति वाला खरमास मार्च-अप्रैल में लगता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, सूर्य देव के घोड़े थक जाने पर उन्होंने गधों को रथ में जोता, जिससे उनकी गति धीमी हो गई। गधों की धीमी गति के कारण इस समय को खरमास कहा जाता है। खरमास का समय अशुभ माना जाता है और इस दौरान कोई भी शुभ या नया काम नहीं होता है। यहां से आप जान सकते हैं कि मार्च के महीने में खरमास कब लगने वाला है।

मार्च में खरमास कब लग रहा है?

मार्च में जब सूर्य देव 14 मार्च 2026 की देर रात 1 बजकर 8 मिनट पर मीन राशि में गोचर करेंगे, तब एक महीने के लिए खरमास लग जाएगा जिसकी समाप्ति 14 अप्रैल 2026 को होगी। 14 अप्रैल को जैसे ही सूर्य देव मेष राशि में प्रवेश करेंगे वैसे ही खरमास खत्म हो जाएगा।

खरमास में शादी क्यों नहीं होती?

जब सूर्य धनु या मीन राशि में प्रवेश करता है, तो उसे खरमास कहा जाता है। इस अवधि के दौरान सूर्य का प्रभाव और तेज कम माना जाता है, और चूंकि सूर्य को सभी ग्रहों का राजा माना गया है, इसलिए उसका कमजोर होना शुभ कार्यों के लिए अनुकूल नहीं होता। ज्योतिष के अनुसार, सूर्य जब अपने गुरु की राशियों (धनु और मीन) में प्रवेश करता है, तो गुरु का प्रभाव कम हो जाता है। हिंदू विवाह पद्धति में गुरु को विवाह का कारक माना जाता है, इसलिए गुरु के कमजोर होने पर विवाह नहीं किए जाते।

खरमास में क्या करना चाहिए?

प्रतिदिन सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करें और तांबे के लोटे से सूर्य को अर्घ्य दें। अर्घ्य के जल में कुमकुम, फूल और अक्षत मिलाना शुभ होता है। इस पूरे माह में भगवान विष्णु और श्रीकृष्ण की पूजा का विशेष महत्व है। विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करना और तुलसी पूजा करना अत्यंत लाभकारी माना जाता है। रामायण, श्रीमद्भगवद्गीता, शिव पुराण या श्री सूक्त का नियमित पाठ करना चाहिए। गरीबों और असहाय लोगों को अन्न, वस्त्र, धन और जल का दान करना चाहिए।

खरमास में क्या नहीं करना चाहिए?

खरमास में विवाह, सगाई, मुंडन, नामकरण, जनेऊ संस्कार और अन्नप्राशन जैसे सभी 16 संस्कार वर्जित होते हैं। साथ ही नए घर का निर्माण शुरू करना, भूमि पूजन या गृह प्रवेश नहीं करना चाहिए। नया वाहन, जमीन, फ्लैट, सोना-चांदी के गहने या कीमती रत्नों की खरीदारी से बचना चाहिए। नया बिजनेस शुरू करना, नई नौकरी जॉइन करना या बड़ा निवेश करना इस समय शुभ नहीं माना जाता। इस महीने में लहसुन, प्याज, मांस-मछली, अंडा और शराब जैसे तामसिक पदार्थों का सेवन भूलकर भी नहीं करना चाहिए। इतना ही नहीं, तुलसी के पत्ते तोड़ना अशुभ माना जाता है। इस दौरान बेटी या बहू की विदाई भी नहीं की जाती है।

जानिए मेष, वृषभ, मिथुन, कर्क, सिंह, कन्या, तुला, वृश्चिक, धनु, मकर, कुंभ और मीन राशि वालों का वार्षिक राशिफल। पढ़ें हिंदी में अध्यात्म से जुड़ी सभी छोटी बड़ी न्यूज़ और ताजा समाचार के लिए जुड़े रहें टाइम्स नाउ नवभारत से|

Srishti
Srishti author

सृष्टि टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की फीचर डेस्क से जुड़ी कंटेंट राइटर हैं, जो मुख्य रूप से धर्म और लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। सृष्टि को आध्यात्... और देखें

End of Article