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Manikarnika Snan On Dev Diwali 2024: देव दीपावली के दिन किया जाता है मणिकर्णिका घाट पर स्नान, जानिए विधि और शुभ समय

Manikarnika Snan On Dev Diwali 2024: देव दीपावली का पर्व विशेषतौर पर बनारस के गंगा घाट पर मनाया जाता है। इस दिन बनारस के मणिकर्णिका घाट स्नना किया जाता है। आइए जानते हैं इस स्नान के शुभ मुहूर्त और महत्व के बारे में।

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Manikarnika Snan 2024

Manikarnika Snan On Dev Diwali 2024: देव दीपावली का पर्व हर साल कार्तिक महीने की पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाता है। इस साल देव दीपावली का त्योहार 15 नवंबर 2024 को मनाया जाएगा। देव दीपावली के दिन सारे देवी- देवता बनारस के गंगा घाट पर दीवाली मनाने जाते हैं। इस दिन गंगा के घाट पर लाखों की संख्या में दिए जलाए जाते हैं। इस दिन वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर गंगा नदी में स्नान करने का भी खास महत्व है। बनारस के मणिकर्णिका घाट पर स्नान करने से साधक के जन्म-जन्मांतर के पाप धुल जाते हैं। आइए जानते हैं इस साल देव दीपावली मणिकर्णिका घाट पर स्नान करने का शुभ मुहूर्त और महत्व के बारे में।

Manikarnika Snan On Dev Diwali 2024 Shubh Muhurat (मणिकर्णिका घाट पर स्नान शुभ मुहूर्त 2024)

इस साल देव दीपावली का त्योहार 15 नवंबर 2024 को मनाया जाएगा। ऐसे में इस साल देव दीपावली के दिन मणिकर्णिका घाट पर स्नान 15 नवंबर 2024 को किया जाएगा। इस दिन मणिकर्णिका घाट पर गंगा स्नान का समय सुबह 4 बजकर 58 मिनट से लेकर 6 बजकर 44 मिनट तक रहेगा। इस मुहूर्त में स्नान करना शुभ होगा।

Dev Diwali 2024 Shubh Muhurat 2024 (देव दीपावली पूजा शुभ मुहूर्त)

देव दीपावली के दिन प्रदोष काल में दिए जलाए जाते हैं और भगवान शिव जी की पूजा की जाती है। इस साल देव दीपावली के दिन पूजा का समय शाम के 5 बजकर 10 मिनट से लेकर 7 बजकर 47 मिनट तक रहेगा। इस समय में दिए जलाना शुभ होगा।

मणिकर्णिका घाट स्नान महत्व (Manikarnika Snan Importance)

हिंदू धर्म बनारस के मणिकर्णिका घाट का बहुत ही विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यता के अनुसार जो व्यक्ति अंत समय में काशी मरता है और उसका अंतिम संस्कार मणिकर्णिका घाट पर होता है। उसको मोक्ष की प्राप्ति होती है। मणिकर्णिका घाट को मोक्षदायिनी घाट के नाम से भी जाना जाता है। इस घाट के पास गंगा स्नान करने से जन्म - जन्म के पाप नष्ट हो जाते हैं। यहां पर स्नान करने से व्यक्ति भगवान शिव और माता गंगा दोनों का आशीर्वाद प्राप्त होता है। देव दीपावली और बैकुंठ चतुर्दशी के दिन इस घाट पर स्नना करना अत्यंत लाभकारी माना गया है।

Jayanti Jha
जयंती झाauthor

बिहार के मधुबनी जिले से की रहने वाली हूं, लेकिन शिक्षा की शुरुआत उत्तर प्रदेश की गजियाबाद जिले से हुई। दिल्ली विश्वविद्यायलय से हिंदी ऑनर्स से ग्रेजुएशन पूरा किया। इसके बाद इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय से हिंदी में मास्टर्स की डिग्री ली और इसके साथ ही दिल्ली के विवेकानंद कॉलेज से हिंदी पत्रकारिता में डिपलोमा किया। डिजिटल पत्रकारिता की शुरुआत 2022 में रफ्तार से हुई। अगस्त 2023 से Times Network में timesnowhindi.com के फीचर टीम के साथ जुड़ी हूं। इससे पहले vianet media pvt. ltd में बतौरा हिंदी टाइपिस्ट 1 साल काम किया। रफ्तार में रहकर आध्यात्म पर लिखना शुरू किया । आध्यात्म के बारे में जानना और उसके बारे में चर्चा करना पसंद है। ग्रहों, नक्षत्रों और राशियों के बारे में जानना बहुत पसंद है। लोगों तक सही जानकारी देना ही मेरी प्राथमिकता रहती है।

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