Mangal Bharani Nakshatra Gochar 2026 : 29 मई 2026 को ग्रहों के सेनापति मंगल ने मेष राशि में रहते हुए भरणी नक्षत्र में प्रवेश कर लिया है। भरणी नक्षत्र का स्वामित्व शुक्र ग्रह के पास है, जबकि मंगल और शुक्र की प्रकृति एक-दूसरे से काफी भिन्न मानी जाती है। मंगल जहां ऊर्जा, युद्ध, आक्रामकता, साहस और निर्णय क्षमता का कारक है, वहीं शुक्र प्रेम, सुख, विलासिता, संबंध और भौतिक सुविधाओं का प्रतिनिधित्व करता है। भरणी नक्षत्र का संबंध यमराज से भी माना जाता है। यह नक्षत्र जीवन में कर्मों के परिणाम, जिम्मेदारियों और अनुशासन का संकेत देता है। ऐसे में जब उग्र ग्रह मंगल भरणी नक्षत्र में प्रवेश करते हैं तो कई बार जल्दबाजी, संबंधों में तनाव, आर्थिक जोखिम और क्रोध संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं। ज्योतिषीय दृष्टि से यह गोचर कुछ राशियों के लिए विशेष सावधानी का संकेत दे रहा है।
कर्क राशि
मंगल का यह गोचर कर्क राशि वालों के कर्म भाव पर प्रभाव डाल रहा है। कार्यक्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ सकती है। नौकरीपेशा लोगों को वरिष्ठ अधिकारियों के साथ तालमेल बनाकर चलना होगा। छोटी-सी गलती भी विवाद का कारण बन सकती है। व्यापार से जुड़े लोगों को निवेश और साझेदारी के मामलों में सतर्क रहने की आवश्यकता होगी। परिवार और कार्यक्षेत्र के बीच संतुलन बनाने में भी परेशानी महसूस हो सकती है।
उपाय : मंगलवार को हनुमान चालीसा का पाठ करें और गुड़ व मसूर की दाल का दान करें।
कन्या राशि
भरणी नक्षत्र में मंगल का प्रवेश कन्या राशि वालों के लिए मानसिक तनाव बढ़ा सकता है। अचानक खर्चों में वृद्धि हो सकती है। निवेश संबंधी मामलों में जल्दबाजी नुकसान दे सकती है। इस दौरान किसी भी दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने से पहले पूरी जांच-पड़ताल करना आवश्यक होगा। स्वास्थ्य के मामले में रक्तचाप, सिरदर्द या थकान की समस्या परेशान कर सकती है।
उपाय : मंगलवार को लाल चंदन का तिलक लगाएं और हनुमान मंदिर में सिंदूर अर्पित करें।
तुला राशि
तुला राशि वालों के लिए यह गोचर वैवाहिक और साझेदारी संबंधी मामलों में चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है। मंगल की सप्तम दृष्टि संबंधों में अहंकार और तकरार बढ़ा सकती है। पति-पत्नी के बीच छोटी-छोटी बातों पर विवाद की स्थिति बन सकती है। बिजनेस पार्टनरशिप में भी मतभेद उभर सकते हैं। इसलिए बातचीत में संयम रखना आवश्यक होगा।
उपाय : शुक्रवार को सफेद मिठाई का दान करें और 'ॐ शुं शुक्राय नमः' मंत्र का जाप करें।
वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि के स्वामी मंगल हैं, लेकिन भरणी नक्षत्र में उनका यह गोचर स्वास्थ्य और शत्रु भाव को सक्रिय कर सकता है। कार्यक्षेत्र में विरोधियों की सक्रियता बढ़ सकती है। इस समय गुस्से में लिए गए निर्णय नुकसान पहुंचा सकते हैं। कानूनी मामलों या विवादों से दूर रहने की सलाह दी जाती है। स्वास्थ्य के मामले में पेट और रक्त संबंधी समस्याओं पर ध्यान देना होगा।
उपाय : हनुमान जी को चमेली का तेल और सिंदूर अर्पित करें। मंगलवार को लाल वस्त्र का दान करें।
मकर राशि
मकर राशि वालों के लिए मंगल का यह गोचर घरेलू जीवन में तनाव बढ़ा सकता है। परिवार के सदस्यों के साथ विचारों का टकराव हो सकता है। संपत्ति या वाहन से जुड़े मामलों में भी सावधानी रखने की आवश्यकता होगी। माता के स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ सकती है। अनावश्यक खर्च भी परेशान कर सकते हैं।
उपाय : मंगलवार को तांबे के पात्र में जल भरकर सूर्य को अर्घ्य दें और हनुमान चालीसा का पाठ करें।
कुंभ राशि
कुंभ राशि वालों के लिए यह गोचर वाणी और व्यवहार में उग्रता ला सकता है। जल्दबाजी में बोले गए शब्द रिश्तों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। भाई-बहनों या करीबी लोगों के साथ मतभेद की स्थिति बन सकती है। यात्राओं के दौरान भी अतिरिक्त सावधानी रखने की आवश्यकता होगी। वाहन चलाते समय लापरवाही बिल्कुल न करें।
उपाय : मंगलवार को बंदरों को गुड़ और चना खिलाएं तथा 'ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः' मंत्र का जाप करें।
क्यों चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है यह गोचर
भरणी नक्षत्र यम के अधीन माना जाता है और कर्मों का परिणाम देने वाला नक्षत्र है। मंगल यहां व्यक्ति को तेज निर्णय लेने, जोखिम उठाने और अपनी बात मनवाने के लिए प्रेरित करता है। यदि यह ऊर्जा सही दिशा में उपयोग न हो तो विवाद, दुर्घटना, आर्थिक नुकसान और संबंधों में तनाव जैसी स्थितियां पैदा हो सकती हैं। वैश्विक स्तर पर भी यह गोचर सीमा विवाद, राजनीतिक तनाव, सैन्य गतिविधियों में तेजी और बाजार में अस्थिरता बढ़ा सकता है। विशेष रूप से जून के पहले पखवाड़े तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आक्रामक बयानबाजी और कूटनीतिक तनाव देखने को मिल सकता है।
डिसक्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।
