अध्यात्म

Malmas 2023: मलमास क्या होता है, कब से लग रहा है, इसका महत्व क्या है

  • Authored by: लवीना शर्मा
  • Updated Jun 14, 2023, 04:56 PM IST

Malmas 2023 Start And End Date: इस साल सावन के महीने में मलमास लग रहा है जिसे पुरुषोत्तम मास (Purushottam Month 2023) और अधिकमास (Adhik Maas 2023) भी कहते हैं। इस महीने में कई शुभ कार्य वर्जित होते हैं। जानिए मलमास 2023 कब से कब तक रहेगा।

Image

Malmas 2023 Start Date In India: मलमास कब से लग रहा है 2023

Malmas 2023 Start Date: मलमास एक ऐसा महीना होता है जो हर तीन साल में आता है। इसे अधिकमास और पुरुषोत्तम मास के नाम से भी जाता है। हिंदू धर्म में इस माह का विशेष महत्व होता है। भगवान विष्णु और शिव जी की पूजा के लिए मलमास बेहद खास माना जाता है। इस बार ये महीना सावन (Sawan 2023) में ही लगने जा रहा है। जिस वजह से इस दौरान शिव की पूजा से विशेष फल की प्राप्ति होगी। मलमास महीना दान-पुण्य के कार्यों के लिए काफी शुभ माना जाता है। जानिए इस साल कब से कब तक रहेगा मलमास, क्या है इसका महत्व।

मलमास 2023 कब से लग रहा है (Malmas 2023 Date)

इस साल मलमास 18 जुलाई से लग रहा है और इसकी समाप्ति 16 अगस्त को होगी। वहीं सावन 4 जुलाई से 31 अगस्त तक रहेगा। इससे पहले मलमास 2023 में पड़ा था। मलमास में शादी-विवाह, मुंडन संस्कार और गृह प्रवेश जैसे शुभ कार्य वर्जित होते हैं।

मलमास का महत्व (Malmas 2023 Significance)

ऐसा माना जाता है कि मलमास में किए गए दान-पुण्य और जप-तप से 10 गुना अधिक फल प्राप्त होता है। इसी कारण इस महीने में श्रद्धालु पूरी श्रद्धा से भगवान की अराधना करते हैं। ये महीना भगवान शिव और श्री हरि विष्णु की अराधना के लिए अत्यंत शुभ होता है। कहते हैं इस महीने जरूरतमंदों को दान करने से किसी भी तरह के अशुभ प्रभाव नष्ट हो जाते हैं।

मलमास में क्या न करें (Malmas Me Kya Na Kare)

इस महीने में शादी-विवाह नहीं करना चाहिए। कहते हैं इससे वैवाहिक जीवन में हमेशा सुख का अभाव रहता है। इसी के साथ मुंडन संस्कार और गृह प्रवेश जैसे कार्य भी इस महीने में पूरी तरह से वर्जित होते हैं। मलमास में नया घर नहीं बनाना चाहिए। अगर किसी नई चीज की खरीदारी करना चाहते हैं तो इस महीने में न करें।

लवीना शर्मा
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

और पढ़ें
End of Article