Lord Shiva Daughter: देवशयनी एकादशी से लेकर देव उठनी एकादशी तक भगवान विष्णु योग निद्रा में रहते हैं और सृष्टि का संचालन भगवान शिव के हाथों में रहता है। भगवान शिव के आशीर्वाद से घर-परिवार में हमेशा खुशहाली बनी रहती है। ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि महादेव सही मायनों में परिवार के देवता है। वे इकलौते ऐसे देव हैं जिनका स्वयं संपूर्ण परिवार है। महादेव के पुत्र कार्तिकेय और गणेश जी के बारे में तो आपने सुना ही होगा। लेकिन क्या आप जानते हैं कि भगवान शिव की एक पुत्री भी है। आइए आज आपको इन्हीं के बारे में विस्तार से बताते हैं।
कौन हैं शिव की पुत्री?
शिवजी की पुत्री का नाम अशोक सुंदरी है। सनातन धर्म की मान्यताओं के अनुसार, माता पार्वती ने अपने अकेलेपन को दूर करने के लिए कल्प वृक्ष से कन्या प्राप्ति का वरदान मांगा था। उनकी इसी इच्छा के स्वरूप अशोक सुंदरी का जन्म हुआ था, जिसका विवाह एक पराक्रमी राज नहुष से हुआ। देवी पार्वती के वरदान से अशोक सुंदरी ययाति जैसे बलवान पुत्र और सौ रूपवती कन्याओं की मां बनी थीं।
अशोक सुंदरी के विवाह की दिलचस्प कहानी
अशोक सुंदरी के पैदा होने के बाद माता पार्वती ने कन्या को यह वरदान दिया कि उसका विवाह देवराज इंद्र जैसे किसी शक्तिशाली योद्धा से ही होगा। एक बार जब अशोक सुंदरी अपनी सखियों संग विचरण कर रही थीं तो वहां हुंड नामक राक्षस आ पहुंचा। अशोक सुंदरी को देखते ही वो मोहित हो उठा और उसके सामने विवाह का प्रस्ताव रख दिया।
अशोक सुंदरी ने राक्षस को बताया कि उसका विवाह नहुष से ही होगा तो ये जानकर वो भड़क उठा और नहुष को मारने की धमकी देने लगा। तब अशोक सुंदरी ने उसे श्राप दिया कि उसकी हत्या नहुष के हाथों ही होगी। ये जानकर हुंड घबरा गया और उसने नहुष का अपहरण कर लिया, लेकिन नहुष को राक्षसों की एक दासी ने बचा लिया। कहते हैं कि महर्षि वशिष्ठ के आश्रम में पले-बड़े नहुष ने ही आगे चलकर हुंड का वध किया और अशोक सुंदरी से विवाह किया।
