Kumbh Sankranti 2025 Date (कुंभ संक्रांति 2025 डेट): उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में चल रहे महा कुंभ से पूरे देश में आध्यात्मिक और भक्ति लहर छाई हुई है। कुंभ संक्रांति एक विशेष हिंदू पर्व है जिसकी ज्योतिष और धार्मिक मान्यता और महत्ता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार फाल्गुन माह में जब सूर्य देव मकर राशि से निकलकर कुंभ राशि में प्रवेश करते हैं, तब कुंभ संक्रांति मनाई जाती है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान-ध्यान, पूजा, जप, तप और दान करने से व्यक्ति को देवी-देवताओं के आशीर्वाद की प्राप्ति होती है। ऐसा करने से उसके समस्त पाप भी नष्ट हो जाते हैं। इस दिन सूर्य देव की पूजा उपासना करने का विशेष विधान होता है। भगवान सूर्य को ग्रहों का राजा माना जाता है, जिनके पूजन-अर्चन से व्यक्ति को सामाजिक मान-सम्मान और प्रतिष्ठा की प्राप्ति होती है। चलिए जानते हैं कुंभ संक्रांति 2025 डेट को।
Kumbh Sankranti 2025 Date (कुंभ संक्रांति 2025 डेट)
इस वर्ष सूर्य 13 फरवरी 2025, गुरुवार के दिन मनाया जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन गंगा स्नान और दान-पुण्य किया जाता है। इस दिन कई शुभ योग और मुहूर्त भी होते हैं।
Kumbh Sankranti Tithi (कुंभ संक्रांति तिथि)
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस वर्ष सूर्य 12 फरवरी 2025, बुधवार को रात 10 बजकर 03 मिनट पर कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे। उदयातिथि के मुताबिक, कुंभ संक्रांति कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि को 13 फरवरी, गुरुवार को मनाई जाएगी।
Kumbh Sankranti Shubh Muhurat (कुंभ संक्रांति शुभ मुहूर्त)
हिंदू पंचांग के अनुसार, कुंभ संक्रांति तिथि पर पुण्य काल दोपहर 12 बजकर 35 मिनट से लेकर शाम 06 बजकर 09 मिनट तक रहेगा। वहीं, महा पुण्य काल शाम 04 बजकर 18 मिनट से लेकर शाम 06 बजकर 09 मिनट तक होगा। कुंभ संक्रांति के दिन महा पुण्य काल की अवधि 01 घंटे और 51 मिनट की है।
Kumbh Sankranti Importance (कुंभ संक्रांति का महत्व)
सनातन धर्म में संक्रांति तिथि का बहुत महत्व है। संक्रांति के दिन स्नान ध्यान और दान से मोक्ष की प्राप्ति होती है। कुंभ संक्रांति के दिन तिल के दान, सूर्य देव के पूजन और ब्राह्मणों को भोजन कराने की विशेष मान्यता सदियों से चली आ रही है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ये दिन मकर राशि और सिंह राशि के अत्यंत ही फलदायी माना माना जाता है।
