Kin Logo Ko Nahi Palna Chahiye Kutta: ज्योतिष शास्त्र में कुत्ते का संबंध मुख्य रूप से राहु और केतु ग्रह से माना जाता है। कई जगहों पर इसे शनि से भी जोड़ा जाता है। माना जाता है कि अगर किसी व्यक्ति की कुंडली में राहु-केतु या शनि की स्थिति पहले से ही कमजोर या अशुभ हो, तो कुत्ता पालने से इन ग्रहों का अशुभ प्रभाव और बढ़ सकता है। ऐसे में व्यक्ति को मानसिक तनाव, विवाद या अचानक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। इस कारण ज्योतिष के अनुसार कुत्ता पालने से पहले कुंडली की स्थिति को समझना जरूरी माना जाता है। ऐसे में आइए जानते हैं कि किन राशि वालों को कुत्ता नहीं पालना चाहिए?
जिनकी कुंडली में राहु बहुत कमजोर हो
अगर किसी व्यक्ति की कुंडली में राहु बहुत कमजोर स्थिति में हो या अशुभ भाव में बैठा हो, तो ऐसे लोगों को कुत्ता पालने से बचना चाहिए। ज्योतिष के अनुसार कुत्ता राहु का प्रतीक माना जाता है। ऐसे में अगर राहु पहले से ही कमजोर है, तो कुत्ता पालने से जीवन में भ्रम, तनाव या अचानक होने वाली परेशानियां बढ़ सकती हैं। कई बार ऐसे लोगों को बिना कारण विवाद या मानसिक बेचैनी का सामना भी करना पड़ सकता है।
केतु का हो अशुभ प्रभाव
केतु का संबंध भी कुत्ते से माना जाता है। अगर किसी व्यक्ति की कुंडली में केतु अशुभ भाव में बैठा हो या बुरा प्रभाव दे रहा हो, तो ऐसे लोगों को भी कुत्ता पालने से बचना चाहिए। माना जाता है कि इससे घर में अनावश्यक तनाव, गलतफहमियां या अचानक होने वाली समस्याएं बढ़ सकती हैं। खासकर अगर केतु चतुर्थ या अष्टम भाव में कमजोर हो, तो घर के वातावरण पर इसका असर पड़ सकता है।
कुंडली में शनि पहले से ही भारी हो
कई ज्योतिषाचार्य कुत्ते को शनि से भी जोड़कर देखते हैं। अगर किसी व्यक्ति की कुंडली में शनि पहले से ही भारी हो या साढ़ेसाती या ढैय्या का प्रभाव चल रहा हो, तो कुत्ता पालने से पहले सोच-समझकर फैसला लेना चाहिए। ऐसे समय में कुत्ता पालने से जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं और कभी-कभी मानसिक दबाव भी महसूस हो सकता है।
घर में पहले से ज्यादा तनाव हो
अगर किसी घर में पहले से ही कलह, विवाद या मानसिक तनाव का माहौल रहता है, तो ज्योतिष के अनुसार ऐसे समय में कुत्ता पालने से बचना बेहतर माना जाता है। कुत्ता बहुत संवेदनशील जानवर होता है और वह घर के माहौल को जल्दी महसूस कर लेता है। ऐसे में घर का तनाव उस पर भी असर डाल सकता है और घर के लोगों की मानसिक स्थिति भी प्रभावित हो सकती है।
कुंडली में चंद्रमा कमजोर हो
अगर किसी व्यक्ति की कुंडली में चंद्रमा कमजोर हो, तो उसे मानसिक रूप से जल्दी तनाव या चिंता हो सकती है। ऐसे लोगों को कुत्ता पालने से पहले अच्छी तरह सोच लेना चाहिए, क्योंकि कुत्ता पालना एक जिम्मेदारी का काम है। अगर व्यक्ति मानसिक रूप से तैयार न हो, तो इससे तनाव और बढ़ सकता है।
क्या करें ये लोग?
ज्योतिष के अनुसार, अगर कुंडली में राहु या केतु का अशुभ प्रभाव हो, तो कुत्ता पालने के बजाय कुत्तों को खाना खिलाना अधिक शुभ माना जाता है। नियमित रूप से कुत्तों को रोटी या भोजन खिलाने से राहु-केतु के नकारात्मक प्रभाव को कम करने में मदद मिल सकती है और जीवन में सकारात्मक बदलाव भी देखने को मिल सकते हैं।
डिसक्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।
