अध्यात्म

छठ खरना में क्या बनता है? खरना का प्रसाद क्या होता है? जानें आज शाम के प्रसाद में क्या-क्या चीजें बनेंगी

Kharna Me Kya Banta Hai (खरना पूजा प्रसाद): छठ के खरना पूजा में क्या-क्या बनता है? खरना पूजा का महाप्रसाद क्या है? आज शाम के महाप्रसाद में व्रती को क्या-क्या चीजें बनानी हैं? यहां से आप खरना पूजा और खरना के प्रसाद से जुड़ी सारी जानकारी ले सकते हैं।

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छठ खरना में क्या-क्या बनता है? (pic credit: canva)

Kharna Me Kya Banta Hai (खरना पूजा प्रसाद): आज खरना पूजा है और आज के दिन शाम के समय में सूर्यास्त के बाद खरना पूजा की जाती है। खरना के दिन जो प्रसाद बनाया जाता है वही छठी मइया को प्रथम भोग होता है, इसलिए उसमें किसी भी अशुद्ध या तामसिक तत्व का प्रयोग नहीं किया जाता। यहां से आप जान सकते हैं कि खरना की शाम में क्या-क्या बनता है? साथ ही यहां ये भी बताया गया है कि खरना प्रसाद में क्या-क्या मिलता है।

छठ खरना में क्या बनता है?

आज छठ के दूसरे दिन यानी खरना पूजा के दिन गुड़ की खीर बनाती है, जिसे रसियाव भी कहा जाता है और साथ में रोटी बनती है। ये रोटी गेंहू आटे की होती है और इसमें गरम-गरम देसी घी लगाया जाता है।

खरना का प्रसाद क्या है?

खरना के महाप्रसाद में गुड़ की खीर (रसियाव), रोटी, घी, केला और शुद्ध जल मिलता है।

आम की लकड़ी पर क्यों बनता है खरना प्रसाद?

आम की लकड़ी सूर्य देव से जुड़ी हुई मानी जाती है। आम का वृक्ष हिंदू धर्म में देववृक्ष (पवित्र वृक्ष) कहलाता है। इसकी लकड़ी जलने पर कोई दुर्गंध या प्रदूषण नहीं फैलाती, बल्कि वातावरण को सुगंधित बनाती है। इसलिए छठ पूजा में केवल आम की लकड़ी से चूल्हा जलाना शुभ माना जाता है। छठ के खरना पूजा से लेकर अर्घ्य के प्रसाद तक, सबकुछ आम की लकड़ी पर ही बनता है।

Srishti
सृष्टिauthor

सृष्टि टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की फीचर डेस्क से जुड़ी कंटेंट राइटर हैं, जो मुख्य रूप से धर्म और लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। सृष्टि को आध्यात्म, भारतीय संस्कृति और साहित्य में गहरी रुचि है। यही वजह है कि उनके लेखों में परंपरा, आस्था और जीवनशैली की सहज समझ खूबसूरती से दिखाई देती है। वह धार्मिक कथाओं, ग्रंथों से जुड़े विषयों, आध्यात्मिक ट्रेंड्स और समकालीन जीवनशैली पर 5,000 से अधिक लेख लिख चुकी हैं। मॉडर्न लाइफस्टाइल और पारंपरिक मूल्यों के बीच संतुलन बनाते हुए वह ऐसे कंटेंट गढ़ती हैं, जो प्रेरक होने के साथ-साथ जानकारीपूर्ण भी होता है।

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