अध्यात्म

Kartik Purnima Bhajan: इन भजनों को सुनकर मनाएं कार्तिक पूर्णिमा का त्योहार, भगवान विष्णु की बरसेगी खूब कृपा

Kartik Purnima Bhajan: आज 15 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा मनाई जा रही है। इस दिन गंगा स्नान का विशेष महत्व माना जाता है। यहां आप जानेंगे कार्तिक पूर्णिमा के सदाबहार भजनों के बारे में।

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Kartik Purnima Bhajan

Kartik Purnima Bhajan: साल में आने वाली सभी पूर्णिमाओं में से कार्तिक पूर्णिमा का खास महत्व माना जाता है। इस दिन गंगा स्नान और दीपदान का विशेष महत्व होता है। कहते हैं जो पूरे कार्तिक महीने में स्नान नहीं कर पाया है उसे कार्तिक पूर्णिमा पर तो नदी स्नान जरूर ही कर लेना चाहिए। इससे पूरे कार्तिक महीने में किए गए स्नान का पूर्ण फल एक साथ प्राप्त हो जाता है। इस पूर्णिमा पर भगवान विष्णु और भोलेनाथ दोनों की पूजा होती है। चलिए जानते हैं कार्तिक पूर्णिमा के भजनों के बारे में।

Kartik Purnima Bhajan (कार्तिक पूर्णिमा भजन)

हे विष्णु भगवान तुम्हारा ध्यान करें कल्याण,

जगत के तुम हो पालनहार करूँ मैं तुमको बारंबार,

हे विष्णु भगवान तुम्हारा ध्यान करें कल्याण,

जगत के तुम हो पालनहार करूँ मैं तुमको बारंबार,

नमोस्तुते, नमोस्तुते, नमोस्तुते, नमोस्तुते, नमोस्तुते, नमोस्तुते.....

तुम वेदों में उपदेश बने रामायण में संदेश बने,

रामायण में संदेश बने, रामायण में संदेश बने,

तुम तीन लोक के स्वामी हो अंतर क्या अंतर्यामी हो,

अंतर क्या अंतर्यामी हो, अंतर क्या अंतर्यामी हो,

विनती है तुमसे कि सबका करना तुम उद्धार,

तुम्हारे दशम् में दशम् अवतार करूँ मैं तुमको बारंबार,

नमोस्तुते, नमोस्तुते, नमोस्तुते, नमोस्तुते, नमोस्तुते, नमोस्तुते......

जो झुके तुम्हारे चरणन में, सुख भर ले अपने जीवन में,

सुख भर ले अपने जीवन में, सुख भर ले अपने जीवन में,

तुम पुण्य दान में रहते हो, तुम कथा ज्ञान में रहते हो,

तुम कथा ज्ञान में रहते हो, तुम कथा ज्ञान में रहते हो,

तुम से ही हर एक अर्चना होती है साकार,

तुम्हारा इस जग पे आभार करूं मैं तुमको बारंबार,

नमोस्तुते, नमोस्तुते, नमोस्तुते, नमोस्तुते, नमोस्तुते, नमोस्तुते.....

अमृत मंथन में रुप धरा, देवों में नव उत्साह भरा,

देवों में नव उत्साह भरा, देवों में नव उत्साह भरा,

तुम सृष्टि कार तुम पुण्य देव, तुम नारायण तुम सत्यमेव,

तुम नारायण तुम सत्यमेव, तुम नारायण तुम सत्यमेव,

सुख पावे वह प्राणी जो नित करता है सत्कार,

भगती की भक्ति का आधार करूं मैं तुमको बारंबार,

नमोस्तुते, नमोस्तुते, नमोस्तुते, नमोस्तुते, नमोस्तुते, नमोस्तुते.....

Vishnu Bhagwan Ke Bhajan (विष्णु भगवान के भजन)

श्रीमन नारायण नारायण हरि हरि लिरिक्स

श्री मन नारायण नारायण हरि हरि

तेरी लीला सबसे न्यारी न्यारी हरि हरि ।

भज मन नारायण नारायण हरि हरि

जय जय नारायण नारायण हरि हरि ।।

हरी ॐ नमो नारायणा, ॐ नमो नारायणा

हरी ॐ नमो नारायणा

लक्ष्मी नारायण नारायण हरि हरि

बोलो नारायण नारायण हरि हरि ।

भजो नारायण नारायण हरि हरि

जय जय नारायण नारायण हरि हरि।।

सत्य नारायण नारायण हरि हरि

जपो नारायण नारायण हरि हरि।

भजो नारायण नारायण हरि हरि

जय जय नारायण नारायण हरि हरि।।

सुर्य नारायण नारायण हरि हरि

बोलो नारायण नारायण हरि हरि।

भज मन नारायण नारायण हरि हरि

जय जय नारायण नारायण हरि हरि ।।

विष्णु नारायण नारायण हरि हरि

जपो नारायण नारायण हरि हरि।

भजो नारायण नारायण हरि हरि

जय जय नारायण नारायण हरि हरि।।

बदरीनारायण नारायण हरि हरि

बोलो नारायण नारायण हरि हरि ।

भजो मन नारायण नारायण हरि हरि

जय जय नारायण नारायण हरि हरि ।।

ब्रह्म नारायण नारायण हरि हरि

जपो नारायण नारायण हरि हरि ।

भजो नारायण नारायण हरि हरि

जय जय नारायण नारायण हरि हरि ।।

चन्द्र नारायण नारायण हरि हरि

बोलो नारायण नारायण हरि हरि ।

भजो नारायण नारायण हरि हरि

जय जय नारायण नारायण हरि हरि ।।

भक्तो के प्यारे हरि हरि

आधार हमारे हरि हरि ।

तन मन में बसे हो हरि हरि

कण कण में बसे हो हरि हरि ।।

तेरी छवि है सुन्दर न्यारी न्यारी हरि हरि

तेरी मूरत मंगल कारी हरि हरि हरि

शरण में अपनी लेलो हरि हरि हरि

पृथ्वी नारायण नारायण हरि हरि

जय जय नारायण नारायण हरि हरि

हम आए शरण तिहारी हरि हरि

शिव नारायण नारायण हरि हरि

जय जय नारायण नारायण हरि हरि ।

तेरी मूरत मंगल कारी हरि हरि हरि

शरण में अपनी लेलो हरि हरि हरि ।।

Achyutam Keshavam Krishna Damodaram Lyrics

अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं,

राम नारायणं जानकी बल्लभम।

कौन कहता हे भगवान आते नहीं,

तुम मीरा के जैसे बुलाते नहीं।

कौन कहता है भगवान खाते नहीं,

बेर शबरी के जैसे खिलाते नहीं।

कौन कहता है भगवान सोते नहीं,

माँ यशोदा के जैसे सुलाते नहीं।

कौन कहता है भगवान नाचते नहीं,

गोपियों की तरह तुम नचाते नहीं।

नाम जपते चलो काम करते चलो,

हर समय कृष्ण का ध्यान करते चलो।

याद आएगी उनको कभी ना कभी,

कृष्ण दर्शन तो देंगे कभी ना कभी।

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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