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Kartik Purnima Tulsi Puja Vidhi: कार्तिक पूर्णिमा पर तुलसी पूजा कैसे करें, यहां जानिए स्टेप बाय स्टेप पूरी विधि

Kartik Purnima 2024 Tulsi Puja Vidhi In Hindi: कार्तिक पूर्णिमा के दिन तुलसी पूजन का विशेष महत्व माना जाता है। कहते हैं इस दिन जो कोई तुलसी के पौधे के सामने घी का दीपक जलाता है उस पर मां लक्ष्मी की विशेष कृपा सदैव बनी रहती है। चलिए आपको बताते हैं कार्तिक पूर्णिमा पर तुलसी पूजा की विधि क्या है।

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Kartik Purnima 2024 Tulsi Puja Vidhi

Kartik Purnima 2024 Tulsi Puja Vidhi In Hindi: वैसे तो पूरे कार्तिक महीने में तुलसी की पूजा की जाती है। लेकिन कार्तिक पूर्णिमा पर तुलसी पूजा का सबसे ज्यादा महत्व माना जाता है। इस साल कार्तिक पूर्णिमा 15 नवंबर को मनाई जा रही है। कई लोग इस दिन तुलसी विवाह भी करते हैं। कहते हैं कार्तिक पूर्णिमा के दिन जो कोई भी विधि विधान तुलसी पूजन करता है उसके जीवन में सदैव सुख-समृद्धि बनी रहती है। चलिए आपको बताते हैं कार्तिक पूर्णिमा पर तुलसी पूजा की विधि क्या है।

Kartik Purnima Tulsi Puja Vidhi (कार्तिक पूर्णिमा पर तुलसी की पूजा कैसे करें)

कार्तिक पूर्णिमा पर तुलसी की पूजा करने से पहले तुलसी के गमले को अच्छे से सफाई करें। फिर तुलसी के गमले में गेरू या हल्दी का लेप लगाएं। इसके बाद तुलसी महारानी को श्रृंगार की सामग्री जैसे चुनरी, चूड़ी, बिंदी, मेहंदी आदि चढ़ाएं। फिर घी का दीपक जलाकर तुलसी माता की आरती उतारें। कार्तिक पूर्णिमा पर तुलसी माता की कम से कम 11 बार परिक्रमा जरूर करें। साथ ही तुलसी जी को हलवा और पूरी का भोग चढ़ाएं। पूजा के बाद प्रसाद सभी में बांट दें।

Kartik Purnima Par Tulsi Puja Ka Mahatva (कार्तिक पूर्णिमा पर तुलसी पूजा का महत्व)

धार्मिक मान्यताओं अनुसार कार्तिक पूर्णिमा के दिन तुलसी माता का पूजन करने से धन, समृद्धि और अच्छे सौभाग्य की प्राप्ति होती है। इस दिन तुलसी माता के समक्ष दीपक जरूर लगाना चाहिए। इससे माता लक्ष्मी की कृपा आप पर सदैव बनी रहेगी।

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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