अध्यात्म

Kapardisha Chaturthi 2026: आज नवरात्र में गणपति पूजा का शुभ दिन, जानें कपर्दिश चतुर्थी व्रत का पूजा समय और मुहूर्त

Kapardisha Chaturthi 2026: आज आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि है। नवरात्र के दिन आने वाली इस चतुर्थी पर गणपति को समर्पित कपर्दिश चतुर्थी व्रत रखा जाता है। जानें नवरात्र में गणपति पूजा का शुभ मुहूर्त, पूजा सामग्री, विधि और इस व्रत का धार्मिक महत्व।

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कपर्दिश चतुर्थी पूजा मुहूर्त (AI Image)

Kapardisha Chaturthi 2026: नवरात्र की आराधना के बीच आज, 14 अक्टूबर 2026 को कपर्दिश चतुर्थी व्रत है। आश्विन महीने के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी पर भगवान गणेश के कपर्दिश विनायक स्वरूप की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, यह व्रत बुद्धि, विवेक और जीवन में आने वाली बाधाओं से मुक्ति की कामना से जुड़ा है। आज गणपति की पूजा मध्याह्न काल में की जाएगी। इसलिए व्रत रखने वाले श्रद्धालु पूजा का समय और विधि समझकर अपनी तैयारी कर सकते हैं। यहां जानें आज गणेश पूजा कब करनी है, पूजा में क्या रखें और व्रत की परंपरा क्या कहती है।

कपर्दिश चतुर्थी 2026 का पूजा मुहूर्त क्या है

द्रिक पंचांग के अनुसार, नई दिल्ली में कपर्दिश चतुर्थी की मध्याह्न पूजा का शुभ समय सुबह 10:58 बजे से दोपहर 1:16 बजे तक है। इस तरह गणपति पूजा के लिए 2 घंटे 18 मिनट का मुहूर्त मिलेगा। गणेश चतुर्थी की आराधना के लिए मध्याह्न काल को प्राथमिकता दी जाती है।

जानकारीतारीख और समय
कपर्दिश चतुर्थी व्रत14 अक्टूबर 2026
वारबुधवार
मध्याह्न पूजा मुहूर्तसुबह 10:58 से दोपहर 1:16 बजे तक
पूजा की अवधि2 घंटे 18 मिनट
समय का आधारनई दिल्ली

यह समय नई दिल्ली के लिए है। दूसरे शहरों में रहने वाले श्रद्धालु स्थानीय पंचांग के अनुसार मुहूर्त देखें।

कपर्दिश चतुर्थी व्रत का धार्मिक महत्व

कपर्दिश चतुर्थी पर भगवान गणेश की पूजा के साथ व्रत और कथा सुनने का विधान बताया गया है। द्रिक पंचांग के विवरण में इस दिन षोडशोपचार विधि से आराधना का उल्लेख है। धार्मिक आस्था में गणपति को ज्ञान और बुद्धि का दाता माना जाता है। श्रद्धालु उनसे विघ्न दूर करने और शुभ कार्यों में सफलता का आशीर्वाद मांगते हैं।

इस आराधना का भाव केवल अपनी इच्छाएं भगवान के सामने रखने तक सीमित नहीं है। पूजा के समय यह भी विचार करें कि जीवन की किस उलझन में धैर्य और विवेक की जरूरत है। गणपति के सामने की गई प्रार्थना में सही मार्ग पहचानने, अपने कर्तव्य निभाने और अहंकार से बचने की भावना रखी जा सकती है।

गणपति पूजा के लिए सामग्री सूची

पूजा से पहले स्नान करें और साफ वस्त्र पहनें। मंदिर या पूजा की चौकी साफ करके आवश्यक सामग्री पास रख लें। सामान्य गणेश पूजा के लिए इन वस्तुओं की तैयारी की जा सकती है-

  • भगवान गणेश की प्रतिमा या चित्र
  • जल और पूजा के पात्र
  • रोली या चंदन, अक्षत और फूल
  • दूर्वा
  • धूप, दीप और घी या तेल
  • फल और अपनी परंपरा के अनुसार भोग
  • आरती की थाली

पूजा में उपयोग होने वाली सामग्री स्वच्छ रखें। भोग पहले से तैयार कर लें। विस्तृत अनुष्ठान करना हो तो उसकी विधि और सामग्री की जानकारी पुरोहित से पहले ही ले लें।

कपर्दिश चतुर्थी की पूजा कैसे करें

आसन पर बैठकर दीप जलाएं और भगवान गणेश का ध्यान करें। इसके बाद व्रत और पूजा का संकल्प लें। संकल्प करते समय अपनी प्रार्थना सरल शब्दों में भी रख सकते हैं। मन में गणपति के प्रति श्रद्धा और पूजा पूरी करने का भाव होना चाहिए।

भगवान को जल, तिलक, अक्षत, फूल और दूर्वा अर्पित करें। धूप-दीप दिखाएं और नैवेद्य लगाएं। फिर आरती करके प्रणाम करें। षोडशोपचार पूजा में भगवान को सोलह प्रकार की सेवाएं अर्पित की जाती हैं। पूजा के दौरान मंत्र या पाठ जल्दबाजी में पूरा करने की कोशिश न करें। जितना पाठ करें, ध्यान से करें। विधि का कोई हिस्सा समझ में न आए तो अनुमान लगाने के बजाय जानकार पुरोहित से उसका अर्थ और तरीका पूछ लें।

कपर्दिश चतुर्थी व्रत में कथा और पारण कब करें

इस व्रत की परंपरा में कपर्दिश चतुर्थी की कथा पढ़ने या सुनने का महत्व बताया गया है। द्रिक पंचांग के अनुसार, रात्रि में भगवान गणेश का स्मरण करते हुए जागरण और अगले दिन पंचमी तिथि पर विधिपूर्वक पारण का विधान है।

Medha Chawla
मेधा चावलाauthor

मेधा चावला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर एसोसिएट एडिटर हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन की लीड हैं। लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 20 वर्षों का अनुभव रखने वाली मेधा की विशेषज्ञता हेल्थ, वेलनेस, फिटनेस, मेंटल हेल्थ, डेली लाइफ इम्प्रूवमेंट, ह्यूमन-इंटरेस्ट फीचर्स और रिसर्च-बेस्ड स्टोरीज तक फैली है। उनकी लेखन शैली पाठकों को जटिल स्वास्थ्य और जीवनशैली संबंधी विषयों को आसान, समझने योग्य और व्यवहारिक रूप में प्रस्तुत करती है, जिससे उनका कंटेंट व्यापक पाठक समूह से जुड़ता है। अबतक 30,000 से अधिक कंटेंट पीस लिख चुकी मेधा की कई एक्सक्लूसिव स्टोरीज डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ट्रेंड सेट कर चुकी हैं।

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