Kalashtami Ke Upay (कालाष्टमी के उपाय): काल भैरव बाबा को भगवान शिव का ही अंश माना गया है। कालाष्टमी पर काल भैरव जी की पूजा का विधान होता है। काल भैरव बाबा की जिस पर कृपा होती है माना जाता है कि उसके जीवन में कोई संकट नहीं आ सकता है। इतना ही नहीं तीनों लोकों में उनके भक्त का कोई अनिष्ट नहीं कर सकता है। आज कालाष्टमी का शुभ दिन है और आज के दिन काल भैरव की पूजा के साथ कुछ उपाय भी आजमाना सही माना जाता है। इससे आर्थिक तंगी से निजात मिल सकता है। यहां से आप उन उपायों के बारे में जान सकते हैं।
भैरव जी की पूजा
कालाष्टमी के दिन काले तिल, काली उड़द, सरसों का तेल और नारियल चढ़ाएं। सिंदूर और पंचमेवा से भैरव जी का अभिषेक करें। ॐ कालभैरवाय नमः मंत्र का जाप 108 बार करना शुभ माना जाता है।
दीपक जलाना
कालाष्टमी की शाम के समय दक्षिण दिशा की ओर सरसों के तेल का दीपक जलाएं। ऐसी मान्यता है कि इससे नकारात्मक ऊर्जा शांति पाती है।
कुत्तों को भोजन
भैरव जी का वाहन काला कुत्ता माना जाता है। इसलिए कालाष्टमी के दिन कुत्तों को रोटी, दूध, मिठाई या बिस्किट खिलाना पुण्यदायक माना जाता है।
जलेबी और मीठी रोटी का भोग
कालाष्टमी के दिन भैरव बाबा को जलेबी या मीठी रोटी का भोग लगाएं। इस उपाय को करने से जीवन के हर क्षेत्र में सफलता मिलती है। साथ ही सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है।
काले रंग का धागा
बुरी नजर से बचने के लिए कालाष्टमी के दिन भैरव बाबा के चरणों में काले रंग का धागा चढ़ाएं और बाद में उसे अपने पैर में बांध लें। ऐसा करने से बुरी नज़रों से बचा जा सकता है और जीवन से नकारात्मक ऊर्जा का अंत होता है।
श्रीकालभैरवाष्टकम् का पाठ
कालाष्टमी पर भगवान भैरव के सामने सरसों के तेल का दीया जला कर वहीं बैठकर श्रीकालभैरवाष्टकम् का पाठ करें। यह उपाय कालाष्टमी से शुरू कर नियमित रूप से कम से कम 21 या 51 दिन तक करें।
